Advertisements
Advertisements
प्रश्न
निम्नलिखित शब्दों के पर्याय लिखिए
- वारिस – ____________
- जिगरी – ___________
- कहर – ___________
- मुकाम – ___________
- रूबरू – ___________
- फ़र्क – ___________
- तालीम – ___________
- गिरफ्तार – ___________
Advertisements
उत्तर
- वारिस – उत्तराधिकारी
- जिगरी – घनिष्ठ, पक्का
- कहर – घोर मुसीबत
- मुकाम – लक्ष्य, मंजिल
- रूबरू – आमने-सामने
- फ़र्क – अंतर
- तालीम – शिक्षा
- गिरफ्तार – कैद, बंदी
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
सोनजूही में लगी पीली कली को देख लेखिका के मन में कौन से विचार उमड़ने लगे?
लेखिका को जीव-जंतुओं की संवेदनाओं की सूक्ष्म समझ थी। इसे स्पष्ट करते हुए बताइए कि आपको इनसे किन किन मूल्यों को अपनाने की सीख मिलती है?
'फल तो किसी दूसरी शक्ति पर निर्भर है' − पाठ के संदर्भ में इस पंक्ति का आश्य स्पष्ट कीजिए।
कैलाश नगर के ज़िलाधिकारी ने आलू की खेती के विषय में लेखक को क्या जानकारी दी?
लेखक की दिनचर्या कुछ लोगों से किस तरह भिन्न है? उनाकोटी के आधार पर लिखिए।
लेखक पढ़ाई की व्यवस्था कैसे करता था? ‘मेरा छोटा-सा निजी पुस्तकालय’ पाठ के आधार पर लिखिए।
हामिद खाँ की दुकान का चित्रण कीजिए।
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए −
किसी व्यक्ति की पोशाक को देखकर हमें क्या पता चलता है?
निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए −
इनके लिए बेटा-बेटी, खसम-लुगाई, धर्म-ईमान सब रोटी का टुकड़ा है।
बुढ़िया को खरबूजे बेचते देख लोग किन-किन विशेषणों का प्रयोग कर रहे थे? उनका ऐसा कहना कितना उचित था?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए −
अग्रिम दल का नेतृत्व कौन कर रहा था?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (50-60) शब्दों में लिखिए −
महादेव जी के किन गुणों ने उन्हें सबका लाड़ला बना दिया था?
देश-विदेश के समाचार-पत्र गांधी जी की गतिविधियों पर टीका-टिप्पणी करते थे।
महादेव जी की अकाल मृत्यु का प्रमुख कारण क्या था?
वह कौन-सी बात थी, जो लेखिका को डराने के लिए काफ़ी थी?
निम्नलिखित वाक्य संरचनाओं में ‘तुम’ के प्रयोग पर ध्यान दीजिए-
- लॉण्ड्री पर दिए कपड़े धुलकर आ गए और तुम यहीं हो।
- तुम्हें देखकर फूट पड़ने वाली मुसकुराहट धीरे-धीरे फीकी पड़कर अब लुप्त हो गई है।
- तुम्हारे भरकम शरीर से सलवटें पड़ी चादर बदली जा चुकी।
- कल से मैं उपन्यास पढ़ रहा हूँ और तुम फिल्मी पत्रिका के पन्ने पलट रहे हो।
- भावनाएँ गालियों का स्वरूप ग्रहण कर रही हैं, पर तुम जा नहीं रहे।
लेखक को ऐसा क्यों लगने लगा कि अतिथि सदैवृ देवता ही नहीं होते?
रामन् को ‘रामन् रिसर्च इंस्टीट्यूट’ की स्थापना की प्रेरणा कहाँ से मिली? इसकी स्थापना का उद्देश्य क्या था?
निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए −
यहाँ है बुद्धि पर परदा डालकर पहले ईश्वर और आत्मा का स्थान अपने लिए लेना, और फिर धर्म, ईमान, ईश्वर और आत्मा के नाम पर अपनी स्वार्थ-सिद्धि के लिए लोगों को लड़ाना-भिड़ाना।
रमुआ पासी और बुधू मियाँ किनके प्रतीक हैं?
