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प्रश्न
तेनजिंग शेरपा की पहली चढ़ाई के बारे में जानकारी प्राप्त कीजिए।
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उत्तर
तेनजिंग शेरपा को 1935 में ‘एरिक शिप्टन’ के साथ पहली बार एवरेस्ट अभियान पर जाने का अवसर मिला। तब वे 19 साल के थे। यह अभियान एवरेस्ट के तिब्बत क्षेत्र का था। इसका उद्देश्य चोटी तक पहुँचने का नहीं था। इस पहले अभियान में उन्होंने रस्सी का प्रयोग करके ग्लेशियर के बीच कदम बढ़ाने के रास्ते खोजे। जब उन्होंने यात्रा शुरू की तो बेस कैंप में ही उन्हें एक मृत शरीर मिला। उन्होंने मृत शरीर को वहीं दफना दिया और पास रखी डायरी उठा ली। इस यात्रा में मौसम बहुत अच्छा था। तेनजिंग को महसूस हुआ था कि उन्हें तभी चोटी तक पहुँचना चाहिए था
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निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए −
इस पाठ का शीर्षक 'दु:ख का अधिकार' कहाँ तक सार्थक है? स्पष्ट कीजिए।
निम्नांकित शब्द-समूहों को पढ़ो और समझो
- कङ्घा, पतङ्ग, चञ्चल, ठण्डा, सम्बन्ध।
- कंघा, पतंग, चंचल, ठंडा, संबंध।
- अक्षुण्ण, सम्मिलित, दुअन्नी, चवन्नी, अन्न।
- संशय, संसद्, संरचना, संवाद, संहार।
- अँधेरा, बाँट, मुँह, ईंट, महिलाएँ, में, मैं।
ध्यान दो कि ङ, ज्, ण, न् और म् ये पाँचों पंचमाक्षर कहलाते हैं। इनके लिखने की विधियाँ तुमने ऊपर देखीं-इसी रूप में या अनुस्वार के रूप में। इन्हें दोनों में से किसी भी तरीके से लिखा जा सकता है और दोनों ही शुद्ध हैं। हाँ, एक पंचमाक्षर जब दो बार आए तो अनुस्वार का प्रयोग नहीं होगा; जैसे-अम्मा, अन्न आदि। इसी प्रकार इनके बाद यदि अंतस्थ य, र, ल, व और ऊष्म श, ष, स, ह आदि हों तो अनुस्वार का प्रयोग होगा, परंतु उसका उच्चारण पंचम वर्गों में से किसी भी एक वर्ष की भाँति हो सकता है; जैसे-संशय, संरचना में ‘न्’, संवाद में ‘म्’ और संहार में ‘ङ’।
( ं) यह चिह्न है अनुस्वार का और ( ँ) यह चिह्न है अनुनासिक का। इन्हें क्रमशः बिंदु और चंद्र-बिंदु भी कहते हैं। दोनों के प्रयोग और उच्चारण में अंतर है। अनुस्वार को प्रयोग व्यंजन के साथ होता है अनुनासिक का स्वर के साथ।
निम्नलिखित शब्दों के पर्याय लिखिए −
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ईमान |
______ |
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बदन |
______ |
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अंदाज़ा |
______ |
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बेचैनी |
______ |
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गम |
______ |
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दर्ज़ा |
______ |
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ज़मीन |
______ |
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ज़माना |
______ |
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बरकत |
______ |
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निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (25-30) शब्दों में लिखिए −
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