Advertisements
Advertisements
प्रश्न
लेखक ने किस तरह अत्यंत सूझ-बूझ से अपनी जिम्मेदारी का निर्वाह किया? ‘स्मृति’ पाठ के आलोक में स्पष्ट कीजिए। इससे आपको क्या सीख मिलती है?
Advertisements
उत्तर
‘स्मृति’ पाठ में लेखक को उसके भाई ने डाक में डालने की चिट्ठियाँ दी थीं। उसकी असावधानी के कारण ये चिट्ठियाँ उस कुएँ में गिर गईं, जिसमें विषधर बैठा था। उसके पास से चिट्ठियाँ उठाना शेर के जबड़े से माँस खींचने जैसा कठिन और जोखिम भरा था, जिसमें जरा-सी चूक जानलेवा साबित हो सकती थी। यद्यपि ऐसा करने के पीछे एक ओर उसमें जिम्मेदारी का भाव था, तो दूसरी ओर भाई से पिटने का भय परंतु उसने अदम्य साहस, दृढ़ संकल्प और आत्मविश्वास, धैर्य, विपरीत परिस्थितियों में बुद्धिमानी से काम करने की कला के कारण वह मौत के मुँह से चिट्ठियाँ उठा लिया और मौत को ठेंगा दिखा दिया। इस घटना से हमें यह सीख भी मिलती है कि ऐसी घटनाओं को हमें प्रोत्साहित नहीं करना चाहिए और ऐसा कार्य करने से पहले अपने से बड़ों की राय-सलाह अवश्य लेनी चाहिए, ताकि हम किसी अनहोनी का शिकार न बनें।
संबंधित प्रश्न
'मनुष्य का अनुमान और भावी योजनाएँ कभी-कभी कितनी मिथ्या और उल्टी निकलती हैं' −का आशय स्पष्ट कीजिए।
'फल तो किसी दूसरी शक्ति पर निर्भर है' − पाठ के संदर्भ में इस पंक्ति का आश्य स्पष्ट कीजिए।
'काश मैं आपके मुल्क में आकर यह सब अपनी आँखों से देख सकता।' हामिद ने ऐसा क्यों कहा?
सांप्रदायिक दंगों की खबर पढ़कर लेखक कौन-सी प्रार्थना करने लगा?
हमें अपनी जान बचाने के लिए लड़ना पड़ता है, यही हमारी नियति है। ऐसा किसने और क्यों कहा? उसके इस कथन का लेखक पर क्या प्रभाव पड़ा?
"मैं चलता हूँ। अब आपकी बारी है।" −यहाँ पटेल के कथन का आशय उद्धृत पाठ के संदर्भ में स्पष्ट कीजिए।
पाठ द्वारा यह कैसे सिद्ध होता है कि − 'कैसी भी कठिन परिस्थिति हो उसका सामना तात्कालिक सूझबूझ और आपसी मेलजोल से किया जा सकता है।'अपने शब्दों में लिखिए।
कनकापुरा में गांधी जी की सभा के बाद आगे की यात्रा में परिवर्तन क्यों कर दिया गया?
महिसागर नदी का किनारा उस दिन अन्य दिनों से किस तरह भिन्न था? इस अद्भुत दृश्य का वर्णन अपने शब्दों में कीजिए।
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए -
बाज़ार के लोग खरबूज़े बेचनेवाली स्त्री के बारे में क्या-क्या कह रहे थे? अपने शब्दों में लिखिए।
निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए −
इनके लिए बेटा-बेटी, खसम-लुगाई, धर्म-ईमान सब रोटी का टुकड़ा है।
बुढ़िया की उस विवशता का उल्लेख कीजिए जिसके कारण उसे सूतक में भी खरबूजे बेचने आना पड़ा?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए −
लेखिका की सफलता पर कर्नल खुल्लर ने उसे किन शब्दों में बधाई दी?
महादेव भाई अपना परिचय ‘पीर-बावर्ची-भिश्ती-खर’ के रूप में देते थे।
मणिभवन पर लोग क्यों आया करते थे?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए −
महात्मा गाँधी के धर्म-संबंधी विचारों पर प्रकाश डालिए।
साउथकोल से आगे बढ़ते हुए लेखिका को क्या-क्या सावधानियाँ बरतनी पड़ीं और क्यों?
लेखक ने ऐसा क्यों कहा है कि अतिथि मानव और थोड़े अंशों में राक्षस भी हो सकता है?
प्रस्तुत पाठ में आए अनुस्वार और अनुनासिक शब्दों को निम्न तालिका में लिखिए −
|
|
अनुस्वार |
अनुनासिक | |
|
(क) |
अंदर |
(क) |
ढूँढ़ते |
|
(ख) |
____________ |
(ख) |
____________ |
|
(ग) |
____________ |
(ग) |
____________ |
|
(घ) |
____________ |
(घ) |
____________ |
|
(ङ) |
____________ |
(ङ) |
____________ |
निम्नलिखित उपसर्गों का प्रयोग करके दो-दो शब्द बनाइए −
ला, बिला, बे, बद, ना, खुश, हर, गैर
