Advertisements
Advertisements
प्रश्न
धीरे-धीरे सब कुछ बदल रहा है।
इस वाक्य में 'बदल रहा है' क्रिया है। यह क्रिया कैसे हो रही है -धीरे-धीरे। अत: यहॉँ धीरे-धीरे क्रिया-विशेषण है। जो शब्द क्रिया की विशेषता बताते हैं, क्रिया-विशेषण कहलाते हैं। जहाँ वाक्य में हमें पता चलता है क्रिया कैसे, कब, कितनी और कहाँ हो रही है, वहाँ वह शब्द क्रिया-विशेषण कहलाता है।
(क) ऊपर दिए गए उदाहरण को ध्यान में रखते हुए क्रिया-विशेषण से युक्त लगभग पाँच वाक्य पाठ में से छाँटकर लिखिए।
(ख) धीरे-धीरे, ज़ोर से, लगातार, हमेशा, आजकल, कम, ज़्यादा, यहाँ, उधर, बाहर - इन क्रिया-विशेषण शब्दों का प्रयोग करते हुए वाक्य बनाइए।
(ग) नीचे दिए गए वाक्यों में से क्रिया-विशेषण और विशेषण शब्द छाँटकर अलग लिखिए -
| वाक्य | क्रिया-विशेषण | विशेषण |
|
1. कल रात से निरंतर बारिश हो रही है। |
||
| 2. पेड़ पर लगे पके आम देखकर बच्चों के मुँह में पानी आ गया। | ||
| 3. रसोईघर से आती पुलाव की हलकी खुशबू से मुझे ज़ोरों की भूख लग आई। | ||
| 4. उतना ही खाओ जितनी भूख है। | ||
| 5. विलासिता की वस्तुओं से आजकल बाज़ार भरा पड़ा है। |
Advertisements
उत्तर
(क) क्रिया-विशेषण से युक्त शब्द -
- एक छोटी-सी झलक उपभोक्तावादी समाज की।
- आप उसे ठीक तरह चला भी न सकें।
- हमारा समाज भी अन्य-निर्देशित होता जा रहा है।
- लुभाने की जी तोड़ कोशिश में निरंतर लगी रहती हैं।
- एक सुक्ष्म बदलाव आया है।
(ख) क्रिया-विशेषण शब्दों से बने वाक्य -
- धीरे-धीरे- धीरे-धीरे मनुष्य के स्वभाव में बदलाव आया है।
- ज़ोर से- इतनी ज़ोर से शोर मत करो।
- लगातार- बच्चे शाम से लगातार खेल रहे हैं।
- हमेशा - वह हमेशा चुप रहता है।
- आजकल - आजकर बहुत बारिश हो रही है।
- कम - यह खाना राजीव के लिए कम है।
- ज़्यादा - ज़्यादा क्रोध करना हानिकारक है।
- यहाँ - यहाँ मेरा घर है।
- उधर- उधर बच्चों का स्कूल है।
- बाहर - अभी बाहर जाना मना है।
(ग)
| क्रिया-विशेषण | विशेषण |
| निरंतर | कल रात |
| मुँह में पानी | पके आम |
| भूख | हल्की खुशबू |
| भूख | उतना, जितना |
| आजकल | भरा |
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
गांधी मैदान पहुँचकर लेखक ने कैसा दृश्य देखा? इस मैदान से जुड़ी कौन-कौन-सी यादें भूलती जा रही थीं?
लेखक ने दिल दहला देने वाला समाचार किसे कहा है और क्यों?
लेखिका ने अपनी नानी को कभी देखा भी नहीं फिर भी उनके व्यक्तित्व से वे क्यों प्रभावित थीं?
लेखिका की माँ परंपरा का निर्वाह न करते हुए भी सबके दिलों पर राज करती थी। इस कथन के आलोक में -
(क) लेखिका की माँ की विशेषताएँ लिखिए।
(ख) लेखिका की दादी के घर के माहौल का शब्द-चित्र अंकित कीजिए।
'पुरखों की गाढ़ी कमाई से हासिल की गई चीज़ों को हराम के भाव बेचने को मेरा दिल गवाही नहीं देता।' - मालकिन के इस कथन के आलोक में विरासत के बारे में अपने विचार व्यक्त कीजिए।
'लेकिन औरत जात पर सींग चलाना मना है, यह भूल जाते हो।'-हीरा के इस कथन के माध्यम से स्त्री के प्रति प्रेमचंद के दृष्टिकोण को स्पष्ट कीजिए।
दूसरी बार घर आए हीरा-मोती को देखकर मालकिन की प्रतिक्रिया पहली बार से किस तरह भिन्न थी?
हीरा और मोती अपने मालिक झूरी के साथ किस तरह का भाव रखते थे?
लेखक ने शेकर विहार में सुमति को उनके यजमानों के पास जाने से रोका, परंतु दूसरी बार रोकने का प्रयास क्यों नहीं किया?
आज की उपभोक्तावादी संस्कृति हमारे दैनिक जीवन को किस प्रकार प्रभावित कर रही है?
पाठ के आधार पर आज के उपभोक्तावादी युग में पनप रही 'दिखावे की संस्कृति' पर विचार व्यक्त कीजिए।
उपभोक्तावादी संस्कृति का अंधानुकरण हमारी संस्कृति के मूल तत्वों के लिए कितना घातक है? ‘उपभोक्तावाद की संस्कृति’ के आलोक में स्पष्ट कीजिए।
आप किसी ऐसे बालक/बालिका के बारे में एक अनुच्छेद लिखिए जिसने कोई बहादुरी का काम किया हो।
उन कारणों का उल्लेख कीजिए जिनके कारण सेनापति ‘हे’ महल को बचाने के लिए तैयार हो गया।
6 सितंबर को ‘टाइम्स’ पत्र में छपे लेख की मुख्य बातें क्या थीं?
लेखक द्वारा कुंभनदास का उदाहरण किस संदर्भ में दिया गया है?
लेखक ने प्रेमचंद की दशा का वर्णन करते-करते अपने बारे में भी कुछ कहकर लेखकों की स्थिति पर प्रकाश डाला है। ‘प्रेमचंद’ और लेखक ‘परसाई’ में आपको क्या-क्या समानता-विषमता दिखाई देती है? लिखिए।
लेखिका महादेवी वर्मा के बचपन के समय लड़कियों के प्रति समाज की सोच कैसी थी? ‘मेरे बचपन के दिन पाठ’ के आधार पर स्पष्ट कीजिए।
महादेवी की रुचि लेखन में उत्पन्न करने में उनकी माँ का योगदान था, स्पष्ट कीजिए।
ज़ेबुन्निसा महादेवी वर्मा के लिए बहुत काम करती थी। ज़ेबुन्निसा के स्थान पर यदि आप होतीं/होते तो महादेवी से आपकी क्या अपेक्षा होती?
