हिंदी

आज की उपभोक्ता संस्कृति हमारे रीति-रिवाजों और त्योहारों को किस प्रकार प्रभावित कर रही है? अपने अनुभव के आधार पर एक अनुच्छेद लिखिए। - Hindi Course - A

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

आज की उपभोक्ता संस्कृति हमारे रीति-रिवाजों और त्योहारों को किस प्रकार प्रभावित कर रही है? अपने अनुभव के आधार पर एक अनुच्छेद लिखिए।

टिप्पणी लिखिए
Advertisements

उत्तर

उपभोक्तावादी संस्कृति से हमारे रीति-रिवाज़ और त्योहार भी बहुत हद तक प्रभावित हुए हैं। आज त्योहार, रीति-रिवाज़ का दायरा सीमित होता जा रहा। त्योहारों के नाम पर नए-नए विज्ञापन भी बनाए जा रहे हैं; जैसे-त्योहारों के लिए खास घड़ी का विज्ञापन दिखाया जा रहा है, मिठाई की जगह चॉकलेट ने ले ली है। आज रीति-रिवाज़ का मतलब एक दूसरे से अच्छा लगना हो गया है। इस प्रतिस्पर्धा में रीति-रिवाज़ों का सही अर्थ कहीं लुप्त हो गया है।

shaalaa.com
गद्य (Prose) (Class 9 A)
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 3: उपभोक्तावाद की संस्कृति - प्रश्न अभ्यास [पृष्ठ ३९]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Kshitij Part 1 Class 9
अध्याय 3 उपभोक्तावाद की संस्कृति
प्रश्न अभ्यास | Q 8 | पृष्ठ ३९

संबंधित प्रश्न

सबकी ज़बान पर एक ही जिज्ञासा - 'पानी कहाँ तक आ गया है?' - इस कथन से जनसमूह की कौन-सी भावनाएँ व्यक्त होती हैं?


लेखिका की माँ परंपरा का निर्वाह न करते हुए भी सबके दिलों पर राज करती थी। इस कथन के आलोक में -

(क) लेखिका की माँ की विशेषताएँ लिखिए।

(ख) लेखिका की दादी के घर के माहौल का शब्द-चित्र अंकित कीजिए।


गोपाल प्रसाद विवाह को 'बिज़नेस' मानते हैं और रामस्वरूप अपनी बेटी की उच्च शिक्षा छिपाते हैं। क्या आप मानते हैं कि दोनों ही समान रूप से अपराधी हैं? अपने विचार लिखें।


रीढ़ की हड्डी’ एकांकी के आधार पर उमा की चारित्रिक विशेषताओं का उल्लेख करते हुए बताइए कि वर्तमान में इनकी कितनी उपयोगिता है?


मालकिन के लौटने तक माटी वाली अपना मुँह यों ही चलाकर खाने का दिखावा क्यों करने लगी? ऐसा करने के पीछे उसकी क्या विवशता थी?


'शिक्षा बच्चों का जन्मसिद्ध अधिकार है' - इस दिशा में लेखिका के प्रयासों का उल्लेख कीजिए।


लेखिका ने लिखा है कि उसकी नानी एकदम मुँहज़ोर हो उठीं। वे कब और क्यों मुँहज़ोर हो उठीं?


लेखिका को अपनी माँ और अन्य परंपरागत माताओं में क्या अंतर नज़र आया?


लेखक ने बच्चन के व्यक्तित्व के किन-किन रूपों को उभारा है?


हीरा और मोती ने शोषण के खिलाफ़ आवाज़ उठाई लेकिन उसके लिए प्रताड़ना भी सही। हीरा-मोती की इस प्रतिक्रिया पर तर्क सहित अपने विचार प्रकट करें।


रचना के आधार पर वाक्य भेद बताइए तथा उपवाक्य छाँटकर उसके भी भेद लिखिए-

मैं बेचूँगा, तो बिकेंगे।


मोती ने बैलगाड़ी को खाई में गिरा देना चाहा पर हीरा ने सँभाल लिया। इस कथन के आलोक में हीरा की स्वाभाविक विशेषताएँ लिखिए।


सुमति लोगों की धार्मिक आस्था का अनुचित फायदा किस तरह उठाते थे?


डाँड़े के प्राकृतिक सौंदर्य का चित्रण कीजिए।


उपभोक्तावादी संस्कृति का अंधानुकरण हमारी संस्कृति के मूल तत्वों के लिए कितना घातक है? ‘उपभोक्तावाद की संस्कृति’ के आलोक में स्पष्ट कीजिए।


पक्षियों के प्रति सालिम अली की दृष्टि अन्य लोगों की दृष्टि में क्या अंतर है? ‘साँवले सपनों की याद’ पाठ के आधार पर लिखिए।


मैना कौन थी? उसे देखकर अंग्रेज सेनापति को आश्चर्य क्यों हुआ?


सही कथन के सामने(✓) का निशान लगाइए -

(क) बाएँ पाँव का जूता ठीक है मगर दाहिने जूते में बड़ा छेद हो गया है जिसमें से अँगुली बाहर निकल आई है।
(ख) लोग तो इत्र चुपड़कर फोटो खिंचाते हैं जिससे फोटो में खुशबू आ जाए।
(ग) तुम्हारी यह व्यंग्य मुसकान मेरे हौसले बढ़ाती है।
(घ) जिसे तुम घृणित समझते हो, उसकी तरफ़ अँगूठे से इशारा करते हो?


लेखक की दृष्टि प्रेमचंद के जूते पर क्यों अटक गई?


लेखिका उर्दू-फ़ारसी क्यों नहीं सीख पाईं?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×