Advertisements
Advertisements
प्रश्न
लेखिका ने अपनी नानी, माँ और परदादी में क्या समानता देखी? उसने अपनी परदादी के संबंध में ऐसा क्यों कहा है?
Advertisements
उत्तर
लेखिका ने अपनी नानी, माँ और परदादी में यह समानता दर्शायी है कि वे सब की सब लीक से खिसकी हुई थीं। उसने अपनी परदादी के संबंध में ऐसा इसलिए कहा है क्योंकि दो से अधिक धोतियाँ होते ही वे तीसरी धोती दान कर देती थीं। इसके अलावा उन्होंने अपनी पतोहू (लेखिका की माँ) के गर्भवती होने पर उन्होंने मंदिर जाकर गैर खायती यह मन्नत माँगी कि उनकी पतोहू की पहली संतान लड़की ही हो। यह मन्नत उन्होंने कई बार माँगी जबकि सब लोग पहली संतान लड़का होने की मन्नत माँगते हैं।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
गोपाल प्रसाद विवाह को 'बिज़नेस' मानते हैं और रामस्वरूप अपनी बेटी की उच्च शिक्षा छिपाते हैं। क्या आप मानते हैं कि दोनों ही समान रूप से अपराधी हैं? अपने विचार लिखें।
लेखिका खुद और अपनी दो बहिनों को लेखन में आने का क्या कारण मानती है?
वह ऐसी कौन सी बात रही होगी जिसने लेखक को दिल्ली जाने के लिए बाध्य कर दिया?
छोटी बच्ची को बैलों के प्रति प्रेम क्यों उमड़ आया?
'इतना तो हो ही गया कि नौ दस प्राणियों की जान बच गई। वे सब तो आशीर्वाद देंगें' - मोती के इस कथन के आलोक में उसकी विशेषताएँ बताइए।
कहानी में जगह-जगह मुहावरों का प्रयोग हुआ है। कोई पाँच मुहावरे छाँटिए और उनका वाक्यों में प्रयोग कीजिए।
सहनशीलता के मामले में गाय और कुत्ता गधे से किस तरह भिन्न हैं?
अफ्रीका और अमरीका में भारतीयों की दुर्दशा का क्या कारण है?
हीरा-मोती एक-दूसरे के प्रति प्रेम और मित्रता कैसे प्रकट करते थे?
किसी भी बात को अनेक प्रकार से कहा जा सकता है, जैसे -
सुबह होने से पहले हम गाँव में थे।
पौ फटने वाली थी कि हम गाँव में थे।
तारों की छाँव रहते-रहते हम गाँव पहुँच गए।
नीचे दिए गए वाक्य को अलग-अलग तरीके से लिखिए -
'जान नहीं पड़ता था कि घोड़ा आगे जा रहा है या पीछे।'
आपके अनुसार वस्तुओं को खरीदने का आधार वस्तु की गुणवत्ता होनी चाहिए या उसका विज्ञापन? तर्क देकर स्पष्ट करें।
आज की उपभोक्ता संस्कृति हमारे रीति-रिवाजों और त्योहारों को किस प्रकार प्रभावित कर रही है? अपने अनुभव के आधार पर एक अनुच्छेद लिखिए।
‘सांस्कृतिक अस्मिता’ क्या है? ‘उपभोक्तावाद की संस्कृति’ का इस पर क्या असर पड़ा है?
नीचे दी गई पंक्ति में निहित व्यंग्य को स्पष्ट कीजिए -
जूता हमेशा टोपी से कीमती रहा है। अब तो जूते की कीमत और बढ़ गई है और एक जूते पर पचीसों टोपियाँ न्योछावर होती हैं।
नीचे दी गई पंक्ति में निहित व्यंग्य को स्पष्ट कीजिए -
जिसे तुम घृणित समझते हो, उसकी तरफ़ हाथ की नहीं, पाँव की अँगुली से इशारा करते हो?
‘प्रेमचंद के फटे जूते’ पाठ के आधार पर प्रेमचंद की वेशभूषा एवं उनकी स्वाभाविक विशेषताओं पर प्रकाश डालिए।
महादेवी की शिक्षा-दीक्षा में उनकी माता का क्या योगदान रहा?
जवारा के नवाब की बेगम ने सांप्रदायिक सौहार्द फैलाने की दिशा में अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया, कैसे? मेरे बचपन के दिन पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए।
गुरुदेव पशु-पक्षियों से भी लगाव रखते थे। एक कुत्ता और एक मैना’ पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए।
