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प्रश्न
गोपाल प्रसाद विवाह को 'बिज़नेस' मानते हैं और रामस्वरूप अपनी बेटी की उच्च शिक्षा छिपाते हैं। क्या आप मानते हैं कि दोनों ही समान रूप से अपराधी हैं? अपने विचार लिखें।
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उत्तर
दोनों ही समान रुप से अपराधी हैं। गोपाल प्रसाद जी के लिए विवाह बिज़नेस (व्यापार-धंधे) कि तरह है। विवाह की पवित्रता और उसका मूल्य उनके लिए सौदे से कम नहीं था। वह अपने बेटे का विवाह करवा कर एक ऐसी पुत्रवधू लाना चाहते थे जो उनके इशारों पर चले। वे सौदा करने से पहले उसकी जाँच पड़ताल कर तसल्ली कर लेना चाहते थे कि सौदा सही भी है या नहीं। उनके लिए वस्तु और लड़की में कोई अंतर नहीं था।
दूसरी तरफ़ रामस्वरूप जी अपनी पुत्री को उच्च शिक्षा प्राप्त करवाते हैं। उन्हें इस बात से गर्व भी है, परन्तु उसके विवाह के लिए उसकी शिक्षा को छुपाने की कोशिश करते हैं। माना इन सब में उनकी मजबूरी है परन्तु ये तर्कसंगत नहीं लगता कि ऐसे घर में अपनी शिक्षित लड़की का हाथ सौंपने को तैयार हो गए जहाँ उनकी पुत्री व उसकी शिक्षा का मोल ही न हो। इस तरह से स्वयं समाज को बदलना और बाद में अपने स्वार्थ हित या मजबूरी से उसकी संकीर्णता में शामिल होना पूर्णरुप से गलत है और उस पर झूठ बोलना बिल्कुल तर्कसंगत नहीं लगता।
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