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प्रश्न
पान की दुकान पर एकत्रित लोग बाढ़ के संबंध में तरह-तरह की बातें कर रहे थे पर लेखक ने वहाँ से हट जाने में ही अपनी भलाई क्यों समझी?
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उत्तर
शहर में बाढ़ का पानी घुसने की आशंका से पान वाले की दुकान पर लोग एकत्र हो गए और तरह-तरह की बातें करने लगे। लोग आम दिनों की तरह ही हँस-बोल रहे थे पर लेखक और उसका मित्र बाढ़ की अनहोनी से आतंकित थे। वे चाहकर भी प्रसन्न नहीं दिख रहे थे। लोगों के बीच इन दोनों की सूरतें ही ‘मुहर्रमी’ लग रही थी। इनकी बुज़दिली पर लोग उपहास न उड़ाए, इसलिए दोनों ने वहाँ से हट जाने में ही अपनी भलाई समझी।
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