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प्रश्न
प्रेमचंद के फटे जूते को आधार बनाकर परसाई जी ने यह व्यंग्य लिखा है। आप भी किसी व्यक्ति की पोशाक को आधार बनाकर एक व्यंग्य लिखिए।
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उत्तर
एक बार हमारे स्कूल के प्रिंसिपल साहब नए-नए सूट में आए। सूट इतना टाइट था कि खुद चलें या सूट को संभालें, समझ नहीं पा रहे थे। ऊपर से टाई इतनी लंबी कि हर पाँच मिनट बाद उसे जेब में ठूंसते रहे। पढ़ाई पर कम, अपने सूट पर ज़्यादा ध्यान दे रहे थे। बच्चों ने कहा – “सर, आज क्लास नहीं, आपका फ़ैशन शो चल रहा है।” सूट भले ही बहुत महँगा था, पर उसमें से सिर्फ़ दिखावा ही झाँक रहा था।
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