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धातुओं के निष्कर्षण के प्रक्रम में धातु सल्फाइडों तथा धातु कार्बोनेटों को धातु ऑक्साइडों में परिवर्तित क्यों करना चाहिए?

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प्रश्न

धातुओं के निष्कर्षण के प्रक्रम में धातु सल्फाइडों तथा धातु कार्बोनेटों को धातु ऑक्साइडों में परिवर्तित क्यों करना चाहिए?

संक्षेप में उत्तर
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उत्तर

सल्फाइड या कार्बोनेट अयस्क की अपेक्षा इसके ऑक्साइड से धातु का निष्कर्षण आसान हो जाता है। यही कारण है कि धातु के निष्कर्षण की प्रक्रिया में धातु सल्फाइड और कार्बोनेट धातु ऑक्साइड में परिवर्तित हो जाते हैं।

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धातुओं के रासायनिक गुणधर्म
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अध्याय 3: धातु एवं अधातु - Exemplar [पृष्ठ २५]

APPEARS IN

एनसीईआरटी एक्झांप्लर Science [Hindi] Class 10
अध्याय 3 धातु एवं अधातु
Exemplar | Q 39. | पृष्ठ २५

संबंधित प्रश्न

निम्नलिखित में से कौन-सी धातुएँ गलित अवस्था में उनको क्लोराइडों के विदयुत अपघटन से प्राप्त होती है? 

  1. Na
  2. Ca
  3. Fe
  4. Cu

तीन चिन्हित परखनलियों A, B तथा C में क्रमशः सांद्र HCl, सांद्र HNO3 तथा सांद्र HCl एवं सांद्र HNO3 का 3 : 1 में मिश्रण (प्रत्येक के 2 mL) लिए गये। प्रत्येक परखनली में धातु का एक छोटा टुकड़ा डाला गया। परखनली A तथा B में कोई परिवर्तन नहीं हुआ परंतु परखनली C में धातु घुल गई। धातु हो सकती है - 


निम्नलिखित में से कौन-सी मिश्रातु में मर्करी उसके एक अवयव के रूप में होता है?


इकबाल ने चमकीले द्विसंयोजी तत्व M की अभिक्रिया सोडियम हाइड्रॉक्साइड से की उसने अभिक्रिया मिश्रण में बुलबुलों को बनते देखा। जब इसी तत्व की क्रिया हाइड्रोक्लोरिक अम्ल से की तो उसे समान प्रेक्षण प्राप्त हुए सुझाव दीजिए कि वह बनी हुई गैस की पहचान कैसे करेगा? दोनों अभिक्रियाओं के लिए रासायनिक समीकरण लिखिए। 


ऊष्मा के दो उत्तम चालकों और दो दुर्बल चालकों के उदाहरण दीजिए।


एक तत्व A जल से अभिक्रिया पर यौगिक B बनाता है जिसका उपयोग सफेदी करने में होता है। यौगिक B गरम करने पर एक ऑक्साइड C देता है जो जल से अभिक्रिया पर पुनः B देता है। A, B तथा C को पहचानिए तथा संबंधित अभिक्रियाएँ दीजिए।


एक क्षार धातु A जल से अभिक्रिया कर एक यौगिक B (अणुभार = 40) देता है। यौगिक B ऐलुमिनियम ऑक्साइड से उपचार पर एक घुलनशील यौगिक C देता है। A, B तथा C को पहचानिए तथा संबंधित अभिक्रियाएँ भी दीजिए।


CuSO4 के विलयन को आयरन के पात्र में रखा गया। कुछ दिनों के पश्चात् आयरन के पात्र में बहुत से छिद्र पाये गए। अभिक्रियाशीलता के संदर्भ में कारण समझाइये। संबंधित से  अभिक्रिया का रासायनिक समीकरण लिखिए।


निम्नलिखित को समझाइए-

  1. AI को यदि HNO3 में डुबोया जाता है तो उसकी अभिक्रियाशीलता कम होती है।
  2. Na अथवा Mg के ऑक्साइडों को कार्बन अपचयित नहीं कर सकता है।
  3. NaCl ठोस अवस्था में विद्युत का चालक नहीं है जबकि यह जलीय विलयन तथा गलित अवस्था में विद्युत का संचलन करता है।
  4. आयरन की वस्तुओं को गैल्वेनीकृत किया जाता है।
  5. धातुएँ जैसे Na, K, Ca तथा Mg प्रकृति में कभी भी मुक्त अवस्था में नहीं पाई जाती हैं।

दो उभयधर्मी ऑक्साइडों के उदाहरण दीजिए।


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