Advertisements
Advertisements
प्रश्न
धातुओं के निष्कर्षण के प्रक्रम में धातु सल्फाइडों तथा धातु कार्बोनेटों को धातु ऑक्साइडों में परिवर्तित क्यों करना चाहिए?
Advertisements
उत्तर
सल्फाइड या कार्बोनेट अयस्क की अपेक्षा इसके ऑक्साइड से धातु का निष्कर्षण आसान हो जाता है। यही कारण है कि धातु के निष्कर्षण की प्रक्रिया में धातु सल्फाइड और कार्बोनेट धातु ऑक्साइड में परिवर्तित हो जाते हैं।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
कारण बताइएः
सोडियम, पोटैशियम एवं लीथियम को तेल के अंदर संग्रहीत किया जाता है।
निम्नलिखित में से कौन-से आयनिक यौगिक नहीं हैं?
- KCl
- HCl
- CCl4
- NaCl
जिंक के विदयुत परिष्करण के दौरान यह ______
एक तत्व A मुलायम है तथा उसे चाकू से काटा जा सकता है। यह वायु के प्रति अत्यधिक क्रियाशील है तथा वायु में खुला नहीं रखा जा सकता है। यह जल के साथ प्रचंड अभिक्रिया करता है। निम्नलिखित में से इस धातु को पहचानिए -
तीन तत्व X, Y तथा Z के इलेक्ट्रॉनिक विन्यास हैं -
X – 2, 8; Y - 2, 8, 7 तथा 2 – 2, 8, 2 निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?
निम्नलिखित में से कौन-सा विद्युत अपघटनी परिष्करण की सही व्याख्या करता है?
सोल्डर मिश्रातु के अवयव क्या हैं? सोल्डर का कौन-सा गुण इसे विद्युत के तारों की वेल्डिंग के लिए उपयुक्त बनाता है?
एक तत्व A जल से अभिक्रिया पर यौगिक B बनाता है जिसका उपयोग सफेदी करने में होता है। यौगिक B गरम करने पर एक ऑक्साइड C देता है जो जल से अभिक्रिया पर पुनः B देता है। A, B तथा C को पहचानिए तथा संबंधित अभिक्रियाएँ दीजिए।
एक क्षार धातु A जल से अभिक्रिया कर एक यौगिक B (अणुभार = 40) देता है। यौगिक B ऐलुमिनियम ऑक्साइड से उपचार पर एक घुलनशील यौगिक C देता है। A, B तथा C को पहचानिए तथा संबंधित अभिक्रियाएँ भी दीजिए।
कम तथा मध्यम क्रियाशीलता वाले धातुओं को उनके संगत सल्फाइड अयस्कों द्वारा निष्कर्षण से संबंधित पद दीजिए।
