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भक्तिन पाठ में पहली कन्या के दो संस्करण जैसे प्रयोग लेखिका के खास भाषाई संस्कार की पहचान कराता है, साथ ही ये प्रयोग कथ्य को संप्रेषणीय बनाने में भी मददगार हैं। वर्तमान हिंदी में भी

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प्रश्न

भक्तिन पाठ में पहली कन्या के दो संस्करण जैसे प्रयोग लेखिका के खास भाषाई संस्कार की पहचान कराता है, साथ ही ये प्रयोग कथ्य को संप्रेषणीय बनाने में भी मददगार हैं। वर्तमान हिंदी में भी कुछ अन्य प्रकार की शब्दावली समाहित हुई है। नीचे कुछ वाक्य दिए जा रहे हैं जिससे वक्ता की खास पसंद का पता चलता है। आप वाक्य पढ़कर बताएँ कि इनमें किन तीन विशेष प्रकार की शब्दावली का प्रयोग हुआ है? इन शब्दावलियों या इनके अतिरिक्त अन्य किन्हीं विशेष शब्दावलियों का प्रयोग करते हुए आप भी कुछ वाक्य बनाएँ और कक्षा में चर्चा करें कि ऐसे प्रयोग भाषा की समृद्धि में कहाँ तक सहायक है?

  1. अरे! उससे सावधान रहना! वह नीचे से ऊपर तक वायरस से भरा हुआ है। जिस सिस्टम में जाता है उसे हैंग कर देता है।
  2. घबरा मत! मेरी इनस्वींगर के सामने उसके सारे वायरस घुटने टेकेंगे। अगर ज़्यादा फ़ाउल मारा तो रेड कार्ड दिखा के हमेशा के लिए पवेलियन भेज दूँगा।
  3. जानी टेंसन नई लेने का वो जिस स्कूल में पढ़ता है अपुन उसका हैडमास्टर है।
विस्तार में उत्तर
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उत्तर

  • इस वाक्य में कंप्यूटर से जुड़ी तकनीकी भाषा का प्रयोग किया गया है। यहाँ ‘वायरस’ का अर्थ दोष, ‘सिस्टम’ का अर्थ व्यवस्था और ‘हैंग’ का अर्थ ठहराव है। इस वाक्य का आशय है कि वह पूरी तरह खराब है और जहाँ भी जाता है, पूरी व्यवस्था में बाधा उत्पन्न कर देता है।
  • इस वाक्य में खेल से संबंधित शब्दों का प्रयोग किया गया है। यहाँ ‘इनस्वींगर’ का अर्थ गहराई तक प्रभाव डालने वाली कार्यवाही, ‘फाउल’ का अर्थ गलत कार्य, ‘रेड कार्ड’ का अर्थ बाहर निकालने का संकेत और ‘पवेलियन’ का अर्थ वापस भेजना है। इस वाक्य का अर्थ है कि घबराने की जरूरत नहीं है। जब मैं प्रभावी कार्रवाई करूँगा तो उसका घमंड खत्म हो जाएगा। यदि वह ज्यादा परेशानी करेगा तो उसे कानूनी दांव-पेंच में फँसाकर बाहर कर दूँगा।
  • इस वाक्य में मुंबई की बोलचाल की भाषा का प्रयोग हुआ है। यहाँ ‘जानी’ का अर्थ कोई भी व्यक्ति, ‘टेंशन लेना’ का अर्थ चिंता करना, ‘स्कूल में पढ़ना’ का अर्थ काम करना और ‘हैडमास्टर होना’ का अर्थ कार्य में कुशल होना है।
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अध्याय 10: महादेवी वर्मा (भक्तिन) - अभ्यास [पृष्ठ ७५]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi Aaroh Bhag 2 [English] Class 12
अध्याय 10 महादेवी वर्मा (भक्तिन)
अभ्यास | Q 4. | पृष्ठ ७५

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