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प्रश्न
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उत्तर
भक्तिन की बेटी के साथ उसके जेठ के साले द्वारा दुष्कर्म किए जाने के बाद पंचायत ने पीड़िता की बात सुने बिना ही उसका विवाह आरोपी से कराने का निर्णय ले लिया। यह घटना हमारे समाज में व्याप्त उस पुरातन और रूढ़िवादी मानसिकता को उजागर करती है, जिसने सदियों पुरानी कुप्रथाओं को आज भी जीवित रखा हुआ है। पंचायत ने अपराधी को दंडित करने के बजाय उसे पीड़िता से विवाह करने की अनुमति देकर उसके अपराध को अप्रत्यक्ष रूप से मान्यता और प्रोत्साहन दिया। साथ ही, विधवा बेटी पर उसकी इच्छा के विरुद्ध यह निर्णय थोपकर उसके अधिकारों, स्वतंत्रता और मानवीय गरिमा का गंभीर उल्लंघन किया गया। ऐसी सामाजिक कुप्रथाओं के कारण न जाने कितनी महिलाओं को अन्याय, अपमान और पीड़ा भरा जीवन जीने के लिए विवश होना पड़ा है।
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