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प्रश्न
बालमन किस स्वार्थ या हिसाब से चलायमान नहीं होता। बचपन प्रेम के रिश्ते के अलावा किसी और रिश्ते को कुबूल नहीं करता। ‘टोपी शुक्ला’ पाठ में टोपी अपने परिवार के एक सदस्य को बदलने की बात करता है। उसकी सोच के आधार पर उसकी मनोदशा का वर्णन कीजिए।
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उत्तर
'टोपी शुक्ला' पाठ में टोपी अपने परिवार के एक सदस्य को बदलने की बात करता है। उसकी सोच के आधार पर उसकी मनोदशा का वर्णन कीजिए।
बाल मन किसी स्वार्थ या हिसाब से चलायमान नहीं होता। बचपन प्रेम के रिश्ते के अलावा किसी और रिश्ते को कबूल नहीं करता। यह बात टोपी शुक्ला पाठ के संदर्भ में बिल्कुल सच है। टोपी शुक्ला पाठ में टोपी अपने परिवार के एक सदस्य यानि अपनी दादी को बदलने की बात करता है। इसका मुख्य कारण उसकी वही मनोदशा है, जिसमें उसे अपनी दादी से जो उसने मिलना चाहिए था। जिस प्रेम एवं स्नेह की वह अपनी दादी से अपेक्षा करता था, वह प्रेम एवं स्नेह उसे अपनी दादी से नहीं मिला बल्कि वह प्रेम उसने उसे इफ्फन की दादी से मिला। इसी कारण उसे इफ्फन की दादी में अपनी दादी की अपेक्षा ज्यादा अपनापन नजर आया।
बालमन केवल प्रेम की भाषा समझता है और उसे वह प्रेम इफ्फन की दादी से मिला इसीलिए वह अपनी दादी को इफ्फन की दादी से बदलने की बात करता है।
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