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बालक श्रीकृष्ण किस लोभ के कारण दूध पीने के लिए तैयार हुए? - Hindi (हिंदी)

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प्रश्न

बालक श्रीकृष्ण किस लोभ के कारण दूध पीने के लिए तैयार हुए?

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उत्तर

माता यशोदा कृष्ण से बार-बार कहती थी कि दूध पीने से तुम्हारी चोटी बलराम की चोटी की तरह लंबी, बड़ी और मोटी हो जाएगीकृष्ण अपनी चोटी को बड़ी होते देखना चाहते थे, इसी लोभ के कारण वे दूध पीने को तैयार हो गए थे

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पद्य (Poetry) (Class 8)
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अध्याय 15: सूरदास के पद - पदों से [पृष्ठ ९६]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Vasant Part 3 Class 8
अध्याय 15 सूरदास के पद
पदों से | Q 1 | पृष्ठ ९६

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कवि ने अपनी गुड़िया के बारे में अनेक बातें बताई हैं। उनमें से कोई दो बातें लिखो।


भारत में अनेक अवसरों पर मेले लगते हैं। कुछ मेले तो पूरी दुनिया में प्रसिद्ध हैं।

(क) तुम अपने प्रदेश के किसी मेले के बारे में बताओ। पता करो कि वह मेला क्यों लगता है? वहाँ कौन-कौन से लोग आते हैं और वे क्या करते हैं? इस काम में तुम पुस्तकालय या बड़ों की सहायता ले सकते हो।

(ख) तुम पुस्तक-मेला, फ़िल्म-मेला और व्यापार-मेला आदि के बारे में जानकारी प्राप्त करो और बताओ कि अगर तुम्हें इनमें से किसी मेले में जाने का अवसर मिले तो तुम किस मेले में जाना चाहोगे और क्यों?


तुम कविता में सभी को कुछ न कुछ करते हुए पाते हो। उसमें से तुम्हें किसका काम सबसे ज़्यादा पसंद है और क्यों?


कविता में रतन किसे कहा गया है और वे कहाँ-कहाँ बिखरे हुए हैं?


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"जी होता इन ओस कणों को
अंजलि में भर घर ले आऊँ"

कवि ओस को अपनी अंजलि में भरना चाहता है। तुम नीचे दी गई चीज़ों में से किन चीज़ों को अपनी अंजलि में भर सकते हो? सही (✓) का चिह्न लगाओ -

रेत ओस  धुआँ हवा पानी तेल  लड्डू  गंद

वर्षा ऋतु से पहले लोग क्या-क्या तैयारियाँ करते हैं? उनमें से कुछ लोगों के बारे में जानकारी एकत्र कर सूची बनाओ।


कविता में ऐसी कौन-सी बात है जो आपको सबसे अच्छी लगी?


‘हमारे जीवन में डाकिए की भूमिका’ क्या है? इस विषय पर दस वाक्य लिखिए। 


''यह कठिन समय नहीं है?'' यह बताने के लिए कविता में कौन-कौन से तर्क प्रस्तुत किए गए हैं? स्पष्ट कीजिए।


सुदामा की दीनदशा देखकर श्रीकृष्ण की क्या मनोदशा हुई? अपने शब्दों में लिखिए।


द्वारका से खाली हाथ लौटते समय सुदामा मार्ग में क्या-क्या सोचते जा रहे थे? वह कृष्ण के व्यवहार से क्यों खीझ रहे थे? सुदामा के मन की दुविधा को अपने शब्दों में प्रकट कीजिए।


द्रुपद और द्रोणाचार्य भी सहपाठी थे, इनकी मित्रता और शत्रुता की कथा महाभारत से खोजकर सुदामा के कथानक से तुलना कीजिए।


इस कविता को एकांकी में बदलिए और उसका अभिनय कीजिए।


‘मित्रता संबंधी दोहों का संकलन कीजिए।


श्रीकृष्ण गोपियों को माखन चुरा-चुराकर खाते थे इसलिए उन्हें माखन चुराने वाला भी कहा गया हैइसके लिए एक शब्द दीजिए


कुछ शब्द परस्पर मिलते-जुलते अर्थवाले होते हैं, उन्हें पर्यायवाची कहते हैं। और कुछ विपरीत अर्थवाले भी । समानार्थी शब्द पर्यायवाची कहे जाते हैं और विपरीतार्थक शब्द विलोम; जैसे –

पर्यायवाची चंद्रमा-शशि, इंदु, राका मधुकर-भ्रमर, भौंरा, मधुप सूर्य-रवि, भानु, दिनकर
विपरीतार्थक

दिन-रात
श्वेत-श्याम
शीत-उष्ण

पाठों से दोनों प्रकार के शब्दों को खोजकर लिखिए।


"हरी घास पर बिखरे दी हैं
ये किसने मोती की लड़ियाँ?"

ऊपर की पंक्तियों को उलट-फेर कर इस तरह भी लिखा जा सकता है–
"हरी घास पर ये मोती की लड़ियाँ किसने बिखेर दी हैं?"

इसी तरह नीचे लिखी पंक्तियों में उलट-फेर कर तुम भी उसे अपने ढंग से लिखो।

"नभ के नन्हें तारों में ये
कौन दमकते हैं यों दमदम?"


चमक - चमकना - चमकाना - चमकवाना

‘चमक’ शब्द के कुछ रूप ऊपर लिखे हैं। इसी प्रकार नीचे लिखे शब्दों का रूप बदलकर सही जगह पर भरो -

तुम यह कमीज़ किस दर्ज़ी से _______ चाहते हो?


चमक - चमकना - चमकाना - चमकवाना

‘चमक’ शब्द के कुछ रूप ऊपर लिखे हैं। इसी प्रकार नीचे लिखे शब्दों का रूप बदलकर सही जगह पर भरो -

लकी को मूर्ख _______ तो बहुत आसान है।


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