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बाजरे के बीज ने दामजीभाई की खेती और हसमुख की खेती (जैसे सिंचाई, ज़मीन जोतना, इत्यादि) में क्या-क्या अंतर देखे? - Environmental Studies (पर्यावरण अध्ययन)

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प्रश्न

बाजरे के बीज ने दामजीभाई की खेती और हसमुख की खेती (जैसे सिंचाई, ज़मीन जोतना, इत्यादि) में क्या-क्या अंतर देखे?

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उत्तर

दामजीभाई तथा हसमुख अलग-अलग तरीके से खेती करते थे।
दामजीभाई ने खेती के परंपरागत तरीकों को अपनाते थे। वे अपने खेतों की जुताई हल-बैलों से करते थे तथा उसमें पूर्व से जमा किये गये अनाज को बीज के रूप में इस्तेमाल किया करते थे।
उसके ठीक विपरीत हसमुख ने खेती की आधुनिक तकनीकों को अपनाया। उसने अपने खेतों की ट्रैक्टर से जुताई की। उसने अच्छे बीजों को बाजार से खरीद कर अपने खेतों में बोया। खेतों में अच्छी खाद डाली। सिंचाई के लिए बिजली से चलने वाला पम्प लगवाया। उसने उन अनाजों की खेती छोड़ दी जिसकी अच्छी कीमत नहीं मिलती थी।

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किसानों की कहानी-बीज की जुबानी
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अध्याय 19: किसानों की कहानी-बीज की जुबानी - चर्चा करो [पृष्ठ १७७]

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एनसीईआरटी Environmental Studies - Looking Around [Hindi] Class 5
अध्याय 19 किसानों की कहानी-बीज की जुबानी
चर्चा करो | Q 1 | पृष्ठ १७७

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