Advertisements
Advertisements
प्रश्न
अगर सभी किसान एक ही तरह के बीज बोएँ, एक ही तरह की फ़सल उगाएँ, तो क्या होगा?
Advertisements
उत्तर
यदि सभी किसान एक ही तरह के बीज बोने लगें तथा फसल उगाने लगें तो स्थिति बहुत ही मुश्किलों भरी हो जायेंगी। इससे हम लोगों को तरह-तरह की चीजें खाने को नहीं मिलेंगी। हम लोग एक ही तरह की चीज खा-खाकर थक जायेंगे। चूँकि भोजन जिन्दगी की मुख्य आवश्यकताओं में से एक है इसलिए यदि ऐसी स्थिति हुई तो दुनिया बेस्वाद हो जायेगी।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
क्या तुम्हारे घर में रोटियाँ बनती हैं? किस अनाज से?
क्या तुमने कभी ज्वार या बाजरे की रोटी खाई है? तुम्हें कैसी लगी?
तुम्हारे घर में अनाज और दालों को कीड़ों से बचाने के लिए क्या-क्या करते हैं?
अपने घर में बड़ों से पूछो, क्या खाने की कुछ ऐसी चीज़ें हैं जो उनके ज़माने में बनाई जाती थीं पर अब नहीं?
तुम्हारे इलाके में कौन-कौन से अनाज और साग-सब्ज़ी उगाए जाते हैं? क्या तुम्हारे इलाके में कोई ऐसी चीज़ उगाई जाती है जो दूर-दूर तक मशहूर है?
बीज को शक था कि जो हसमुख के साथ हुआ वह तरक्की नहीं है। तुम्हें क्या लगता है?
क्या तुम्हारे आस-पास कुछ ऐसे बदलाव हुए हैं, जिन्हें ‘तरक्की’ मानने में कुछ दिक्कतें भी हैं? क्या?
तुम्हारे मन में खेती से जुड़े क्या-क्या सवाल उठते हैं? सब मिलकर कुछ सवाल बनाओ और किसी किसान से पूछो। जैसे – किसान एक साल में कितनी तरह की फ़सल उगाते हैं? किस फ़सल को कितने पानी की जरूरत होती है?
चित्रों को देखो और बताओ कि हर चित्र में क्या दिख रहा है?
चित्र 2 में बाजरे की बाली ओखली में रखी हैं। मूसली से कूटकर बाजरे के दानों को बाली से अलग करते हैं। अलग किए गए बाजरे के दाने चित्र 3 में दिख रहे हैं। आजकल यह काम हाथ से नहीं बल्कि एक बड़ी मशीन ‘थ्रेशर से किया जाता है। दोनों एक ही काम करने के अलग-अलग तरीके हैं जिन्हें हम तकनीक भी कह सकते हैं। चित्र (4) में दिखाई चक्की में क्या हो रहा होगा? फिर चित्र (5) और (6) में किस 'तकनीक' से आटा तैयार किया गया होगा? छलनी का इस्तेमाल कब किया गया होगा?



हमारे खाने में कई बदलाव आए हैं। ऐसा कैसे कह सकते हैं? बाजरे के बीज की कहानी और बड़ों से मिली जानकारी के आधार पर लिखो।
