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अब्दुल का ध्यान इस बात पर गया कि उसने तो कभी नीम के पेड़ को पानी नहीं दिया। उसने सोचा, “नीम के पेड़ को पानी मिलता कहाँ से है?”

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प्रश्न

अब्दुल का ध्यान इस बात पर गया कि उसने तो कभी नीम के पेड़ को पानी नहीं दिया। उसने सोचा, “नीम के पेड़ को पानी मिलता कहाँ से है?”

एक पंक्ति में उत्तर
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उत्तर

नीम के पेड़ की जड़े जमीन के अंदर काफ़ी गहराई तक जाती है, वह आवश्यक पानी वहीं से प्राप्त करता है।

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जड़ों का जाल
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अध्याय 19: जड़ों का जाल - प्रश्नावली [पृष्ठ १५९]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Environmental Studies - Looking Around [Hindi] Class 4
अध्याय 19 जड़ों का जाल
प्रश्नावली | Q 9 | पृष्ठ १५९

संबंधित प्रश्न

घास का छोटा-सा पौधा भी आसानी से क्यों नहीं निकल पाया, जबकि मटर की बेल के सहारे के लिए लगी डंडी एक झटके में गिर गई?


तीन दिन बाद अब्दुल ने देखा कि मटर के पौधे का टूटा हुआ एक हिस्सा सूख गया था। चित्र को देखो। अंदाज़ा लगाओ, पौधे का कौन-सा हिस्सा सूखा होगा? क्यों?


तुम क्या सोचते हो कि तेज़ आँधी के बावज़ूद नीम का पेड़ क्यों नहीं गिरा?


मुरझाए हुए पौधों को पानी देने से उनकी पत्तियाँ फिर से हरी हो जाती हैं। कैसे?


तुम्हें क्या लगता है, क्या सभी पौधों को पानी चाहिए?


नीचे दिए गए चित्रों को देखो। पता लगाओ, इनमें कौन-सी सब्ज़ियाँ पौधों की जड़े हैं।


आजकल तो अब्दुल के दिमाग में पौधे ही घूमते हैं। उनके बारे में अनेकों सवाल उठते हैं।

स्कूल की दीवार से एक पौधा निकलते देखकर अब्दुल सोचने लगा-

  • इस पौधे की जड़ें कहाँ तक जा रही होंगी?
  • इसकी जड़ों को पानी कहाँ से मिलता होगा?
  • यह पौधा कितना बड़ा होगा?
  • दीवार का क्या होगा?
  • चित्र में दिखाए गए पौधे को पहचानो और नाम बताओ?

अब्दुल ने देखा कि रास्ते में एक बहुत बड़ा पेड़ गिरा हुआ था। उस पेड़ की कुछ टूटी हुई जड़ें भी दिखाई दीं। उसे अपने घर का नीम का पेड़ याद आ गया। उसने सोचा–

  • क्या इतने बड़े पेड़ को किसी ने उखाड़ा होगा या यह अपने आप ही गिर गया?
  • यह पेड़ कितना पुराना होगा?
  • चित्र में देखो, कैसे पेड़ के चारों तरफ़ की ज़मीन सीमेंट से पक्की की गई है। इसे बारिश का पानी कैसे मिलेगा?

क्लास में तीन या चार बच्चों के समूह में बँट जाओ। इन चीजों को इकट्ठा  करो।

काँच का गिलास या चौड़े मुँह वाली बोतल, रुई, रबर-बैंड या धागा, कुछ दाने साबूत मूँग, गेहूँ, बाजरा, सरसों, चना या राजमा।

अब यह प्रयोग करो। हर समूह अलग-अलग प्रकार के बीज लें। एक ही तरह के (5-6) बीजों को एक कटोरी पानी में रात भर भिगो दो। एक काँच का गिलास या फिर चौड़े मुँह वाली बोतल लो। इसके मुँह पर रुई की एक तह गीली करके रखो। इसे रबर-बैंड या धागे से बाँध दो। भीगे हुए इन बीजों को गीली रुई पर रखो। ध्यान रखें कि रुई गीली रहे। इसे दस-बारह दिन तक रोज देखो। क्या बीजों में से कुछ निकलता हुआ दिखाई दे रहा है? पौधा चौथे और आठवें दिन कैसा दिखता है, उसका चित्र बनाओ।

इन प्रश्नों के उत्तर कॉपी में लिखो

  • सूखे और भिगोये हुए बीजों में क्या अंतर दिखे?
  • अगर रुई सूखी रह जाती, तो क्या होता?
  • जड़ किंस तरफ़ उगी? तना किस तरफ़ उगा?
  • ये पौधे रुई में कितने बड़े हो पाए?
  • क्या सभी बीजों में से पौधे निकले?
  • जड़ों का रंग क्या है?
  • क्या तुम्हें जड़ों पर बाल दिखाई दे रहे हैं?
  • इन पौधों को रुई से अलग करने की कोशिश करो। क्या अलग कर पाए? क्यों?
  • तुमने देखा कि जड़ों ने रुई को जकड़ा हुआ था। तुम क्या सोचते हो, क्या इसी तरह से जड़ें मिट्टी को जकड़े रहती हैं?
  • अपने दोस्तों के उगाये हुए पौधों को भी देखो।

तुम अपने बारे में सोचो, तुम किस-किस तरह से पिछले कुछ वर्षों में बदले हो, जैसे-

  • क्या तुम्हारी लम्बाई बढ़ी है? पिछले एक साल में कितनी?
  • सोचो, अगर तुमने अपने नाखून कभी काटे ही न होते, तो वे कितने बड़े होते। अपनी कॉपी में उनका चित्र बनाकर दिखाओ।
  • तुम्हारे शरीर की क्या ऐसी कोई चीज़ है, जो बढ़ती रहती है? क्या उसे समय-समय पर काटना पड़ता है?

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