हिंदी

क्या आप बरगद के पेड़ पर झूले हैं? आपने झूलते समय क्या पकड़ रखा था? क्या तुमने कभी कोई ऐसा पेड़ देखा है, जिसकी जड़ें, टहनियों से लटकती हों?

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

  • क्या आप बरगद के पेड़ पर झूले हैं?
  • आपने झूलते समय क्या पकड़ रखा था?
  • क्या तुमने कभी कोई ऐसा पेड़ देखा है, जिसकी जड़ें, टहनियों से लटकती हों?
टिप्पणी लिखिए
Advertisements

उत्तर

  • हाँ, जब भी मैं अपने गाँव जाता हूँ, मैं हमेशा अपने दोस्तों के साथ बरगद के पेड़ पर झूलता हूँ।
  • मैं झूलते समय जड़ें को पकड़ता हूँ जो पेड़ की टहनियों से लटकी होती हैं।
  • हाँ, मैने ऐसा पेड़ देखा है, जिसकी जड़े, टहनियों से लटकती हैं।
shaalaa.com
जड़ों का जाल
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 19: जड़ों का जाल - अरे, जड़ें ऐसी भी! [पृष्ठ १६१]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Environmental Studies - Looking Around [Hindi] Class 4
अध्याय 19 जड़ों का जाल
अरे, जड़ें ऐसी भी! | Q 1 | पृष्ठ १६१

संबंधित प्रश्न

घास का छोटा-सा पौधा भी आसानी से क्यों नहीं निकल पाया, जबकि मटर की बेल के सहारे के लिए लगी डंडी एक झटके में गिर गई?


क्या सभी पौधों की जड़ें होती हैं?


तीन दिन बाद अब्दुल ने देखा कि मटर के पौधे का टूटा हुआ एक हिस्सा सूख गया था। चित्र को देखो। अंदाज़ा लगाओ, पौधे का कौन-सा हिस्सा सूखा होगा? क्यों?


तुम क्या सोचते हो कि तेज़ आँधी के बावज़ूद नीम का पेड़ क्यों नहीं गिरा?


तुम्हारे आस-पास किन पौधों को नियमित रूप से पानी देने की जरूरत होती है?

  • अगर इन पौधे को पानी न दें, तो क्या होगा?

तुम्हारे आस-पास ऐसे कौन-से पेड़-पौधे हैं, जिन्हें पानी देने की जरूरत नहीं पड़ती। उन्हें पानी कहाँ से मिलता है? कोई दो अंदाज़ लगाओ।


अब्दुल को यह सोचकर आश्चर्य हुआ, क्या मूली भी जड़ है। क्यों?


नीचे दिए गए चित्रों को देखो। पता लगाओ, इनमें कौन-सी सब्ज़ियाँ पौधों की जड़े हैं।


आजकल तो अब्दुल के दिमाग में पौधे ही घूमते हैं। उनके बारे में अनेकों सवाल उठते हैं।

स्कूल की दीवार से एक पौधा निकलते देखकर अब्दुल सोचने लगा-

  • इस पौधे की जड़ें कहाँ तक जा रही होंगी?
  • इसकी जड़ों को पानी कहाँ से मिलता होगा?
  • यह पौधा कितना बड़ा होगा?
  • दीवार का क्या होगा?
  • चित्र में दिखाए गए पौधे को पहचानो और नाम बताओ?

क्लास में तीन या चार बच्चों के समूह में बँट जाओ। इन चीजों को इकट्ठा  करो।

काँच का गिलास या चौड़े मुँह वाली बोतल, रुई, रबर-बैंड या धागा, कुछ दाने साबूत मूँग, गेहूँ, बाजरा, सरसों, चना या राजमा।

अब यह प्रयोग करो। हर समूह अलग-अलग प्रकार के बीज लें। एक ही तरह के (5-6) बीजों को एक कटोरी पानी में रात भर भिगो दो। एक काँच का गिलास या फिर चौड़े मुँह वाली बोतल लो। इसके मुँह पर रुई की एक तह गीली करके रखो। इसे रबर-बैंड या धागे से बाँध दो। भीगे हुए इन बीजों को गीली रुई पर रखो। ध्यान रखें कि रुई गीली रहे। इसे दस-बारह दिन तक रोज देखो। क्या बीजों में से कुछ निकलता हुआ दिखाई दे रहा है? पौधा चौथे और आठवें दिन कैसा दिखता है, उसका चित्र बनाओ।

इन प्रश्नों के उत्तर कॉपी में लिखो

  • सूखे और भिगोये हुए बीजों में क्या अंतर दिखे?
  • अगर रुई सूखी रह जाती, तो क्या होता?
  • जड़ किंस तरफ़ उगी? तना किस तरफ़ उगा?
  • ये पौधे रुई में कितने बड़े हो पाए?
  • क्या सभी बीजों में से पौधे निकले?
  • जड़ों का रंग क्या है?
  • क्या तुम्हें जड़ों पर बाल दिखाई दे रहे हैं?
  • इन पौधों को रुई से अलग करने की कोशिश करो। क्या अलग कर पाए? क्यों?
  • तुमने देखा कि जड़ों ने रुई को जकड़ा हुआ था। तुम क्या सोचते हो, क्या इसी तरह से जड़ें मिट्टी को जकड़े रहती हैं?
  • अपने दोस्तों के उगाये हुए पौधों को भी देखो।

Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×