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प्रश्न
आशय स्पष्ट कीजिए -
धंधा वही करूँगा, यानी टार्च बेचूँगा। बस कंपनी बदल रहा हूँ।
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उत्तर
दूसरा मित्र लेखक को कहता है अभी तक वह गलत धंधे में अपना समय नष्ट कर रहा था। बेचेगा वह अब भी प्रकाश लेकिन यह प्रकाश उपकरण रूपी टार्च का नहीं होगा। यह लोगों को ज्ञान रूपी प्रकाश का धंधा करके बेचेगा। इस तरह वह लोगों को मूर्ख बनाकर पैसा कमाएगा।
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