English

English Medium Class 10 - CBSE Question Bank Solutions for Hindi Course - A

Advertisements
[object Object]
[object Object]
Subjects
Popular subjects
Topics
Advertisements
Advertisements
Hindi Course - A
< prev  821 to 840 of 890  next > 

'मोहम्मद रफी द्वारा यह गीत गाया गया' - इसे कर्तृवाच्य में बदलने पर होगा -

[3] व्याकरण विभाग
Chapter: [3] व्याकरण विभाग
Concept: undefined >> undefined

निम्नलिखित में से कर्मवाच्य के उदाहरण में किसे नहीं माना जाएगा?

[3] व्याकरण विभाग
Chapter: [3] व्याकरण विभाग
Concept: undefined >> undefined

Advertisements

निम्नलिखित वाक्यों में से कर्तृवाच्य का उदाहरण है -

[3] व्याकरण विभाग
Chapter: [3] व्याकरण विभाग
Concept: undefined >> undefined

आप कोल्हापुर, महाराष्ट्र के निवासी मिलिंद/भुवी हैं। आपके एक परिचित ने आपको दिल्‍ली से एक पार्सल भेजा जो 25 दिनों बाद भी नहीं मिला। आप कोरियर कंपनी को ई-मेल लिखकर शिकायत करते हुए उचित कार्यवाही करने की चेतावनी दीजिए।

[4] लेखन कौशल
Chapter: [4] लेखन कौशल
Concept: undefined >> undefined

आप बतौर अध्यापक कार्यरत हैं लेकिन आप किसी कारण से अब अपना व्यवसाय बदलना चाहते है। नौकरी से त्यागपत्र देते हुए विद्यालय प्रमुख को 80 शब्दों में ई-मेल लिखिए। आपका नाम प्रेरणा/प्रतीक है।

[4] लेखन कौशल
Chapter: [4] लेखन कौशल
Concept: undefined >> undefined

निम्नलिखित वाक्यों से निपात छाँटिए और उनसे नए वाक्य बनाइए -

(क) नगरपालिका थी तो कुछ न कुछ करती भी रहती थी।
(ख) किसी स्थानीय कलाकार को ही अवसर देने का निर्णय किया गया होगा।
(ग) यानी चश्मा तो था लेकिन संगमरमर का नहीं था।
(घ) हालदार साहब अब भी नहीं समझ पाए।
(ङ) दो साल तक हालदार साहब अपने काम के सिलसिले में उस कस्बे से गुज़रते रहे।

[3] व्याकरण विभाग
Chapter: [3] व्याकरण विभाग
Concept: undefined >> undefined

इस आत्मकथ्य में मुहावरों का प्रयोग करके लेखिका ने रचना को रोचक बनाया है। रेखांकित मुहावरों को ध्यान में रखकर कुछ और वाक्य बनाएँ -

 इस बीच पिता जी के एक निहायत दकियानूसी मित्र ने घर आकर अच्छी तरह पिता जी की लू उतारी

[3] व्याकरण विभाग
Chapter: [3] व्याकरण विभाग
Concept: undefined >> undefined

इस आत्मकथ्य में मुहावरों का प्रयोग करके लेखिका ने रचना को रोचक बनाया है। रेखांकित मुहावरों को ध्यान में रखकर कुछ और वाक्य बनाएँ -

वे तो आगलगाकर चले गए और पिता जी सारे दिन भभकते रहे।

[3] व्याकरण विभाग
Chapter: [3] व्याकरण विभाग
Concept: undefined >> undefined

इस आत्मकथ्य में मुहावरों का प्रयोग करके लेखिका ने रचना को रोचक बनाया है। रेखांकित मुहावरों को ध्यान में रखकर कुछ और वाक्य बनाएँ -

बस अब यही रह गया है कि लोग घर आकर थू-थूकरके चले जाएँ।

[3] व्याकरण विभाग
Chapter: [3] व्याकरण विभाग
Concept: undefined >> undefined

इस आत्मकथ्य में मुहावरों का प्रयोग करके लेखिका ने रचना को रोचक बनाया है। रेखांकित मुहावरों को ध्यान में रखकर कुछ और वाक्य बनाएँ -

पत्र पढ़ते ही पिता जी आग-बबूला हो गए।

[3] व्याकरण विभाग
Chapter: [3] व्याकरण विभाग
Concept: undefined >> undefined

"अर्थ बिना कब पूर्ण हैं, शब्द, सकल जग-काज।

अर्थ अगर आ जाए तो, ठाठ-बाट औ राज।।" 

इस दोहे में प्रयुक्त अलंकार है-

[3] व्याकरण विभाग
Chapter: [3] व्याकरण विभाग
Concept: undefined >> undefined

"कैसे कलुषित प्राण हो गए।

मानो मन पाषाण हो गए।।”

इन काव्य-पंक्तियों में प्रयुक्त अलंकार है-

[3] व्याकरण विभाग
Chapter: [3] व्याकरण विभाग
Concept: undefined >> undefined

"इधर उठाया धनुष क्रोध में और चढ़ाया उस पर बाण।

धरा, सिंधु, नभ कॉँपे सहसा, विकल हुए जीवों के प्राण।।”

इन काव्य-पंक्तियों में प्रयुक्त अलंकार है -

[3] व्याकरण विभाग
Chapter: [3] व्याकरण विभाग
Concept: undefined >> undefined

"एक दिवस सूरज ने सोची, छुट्टी ले लेने की बात।

सोचा कुछ पल सुकूँ मिलेगा, चलने दो धरती पर रात।।” 

इन काव्य-पंक्तियों में प्रयुक्त अलंकार है-

[3] व्याकरण विभाग
Chapter: [3] व्याकरण विभाग
Concept: undefined >> undefined

"कहती हुई यों उत्तरा के नेत्र जल से भर गए।

हिमकणों से पूर्ण मानो हो गए पंकज नए।।” 

इन काव्य-पंक्तियों में प्रयुक्त अलंकार है-

[3] व्याकरण विभाग
Chapter: [3] व्याकरण विभाग
Concept: undefined >> undefined

“मंगन को देखि पट देत बार-बार है।” इस पंक्ति में निहित अलंकार है -

[3] व्याकरण विभाग
Chapter: [3] व्याकरण विभाग
Concept: undefined >> undefined

“सो जनु हमरेहि माथें काढ़ा। दिन चलि गए ब्याज बड़ बाढ़ा।” इस चौपाई में प्रयुक्त अलंकार है -

[3] व्याकरण विभाग
Chapter: [3] व्याकरण विभाग
Concept: undefined >> undefined

“जिसके अरुण - कपोलों की मतवाली सुंदर छाया में।
अनुरागिनी उषा लेती थी निज सुहाग मधुमाया में।”

इन काव्य-पंक्तियों में प्रयुक्त अलंकार है -

[3] व्याकरण विभाग
Chapter: [3] व्याकरण विभाग
Concept: undefined >> undefined

“पल-पल परिवर्तित प्रकृति वेश।” इस काव्य-पंक्ति में प्रयुक्त अलंकार है -

[3] व्याकरण विभाग
Chapter: [3] व्याकरण विभाग
Concept: undefined >> undefined

“हनुमान की पूँछ में लगन पाई आग
लंका सिगरी जल गई गए निसावर भाग”

इस दोहे में निहित अलंकार है -

[3] व्याकरण विभाग
Chapter: [3] व्याकरण विभाग
Concept: undefined >> undefined
< prev  821 to 840 of 890  next > 
Advertisements
Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×