HSC Commerce (Hindi Medium)
Academic Year: 2024-2025
Date & Time: 9th July 2025, 11:00 am
Duration: 3h
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सूचनाएँ:
- सभी प्रश्नों को हल करना अनिवार्य है।
- आवश्यकतानुसार स्वच्छ तालिका/रेखाचित्र बनाइए।
- दाहिनी ओर के अंक प्रश्नों के पूर्ण गुण प्रदर्शित करते हैं।
- प्रत्येक मुख्य प्रश्न का उत्तर नए पन्ने से प्रारंभ कीजिए।
व्यष्टि अर्थशास्त्र विश्लेषण में प्रयोग की जाने वाली पद्धति:
- राशि पद्धति
- समग्र पद्धति
- विभाजन पद्धति
- सर्वसमावेशी पद्धति
अ, स एवं द
अ, ब एवं द
केवल ‘स’
केवल ‘अ’
Chapter:
पूर्ण प्रतियोगिता में विक्रेता की भूमिका निम्नलिखित होती है:
- कीमतकर्ता
- कीमत स्वीकर्ता
- कीमत विभेदकर्ता
- इनमें से कोई नहीं
अ, ब एवं स
केवल ‘ब’
केवल ‘स’
अ एवं स
Chapter:
कीमत निर्देशांक से उचित संबंधित विधान खोजिए:
- निर्देशांक एक भौगोलिक साधन हैं।
- निर्देशांकों में वायुदाब का मापन किया जाता है।
- निर्देशांकों में एक आर्थिक चर के सापेक्ष परिवर्तन का मापन किया जाता है।
- निर्देशांक एक विशेष औसत में होते हैं।
स एवं द
अ एवं ब
ब एवं स
अ एवं द
Chapter:
सरकार के अनिवार्य कार्यों में अग्रलिखित कार्य सम्मिलित होते हैं:
- विदेशी आक्रमणों से संरक्षण
- आंतरिक कानून और सुव्यवस्था
- कल्याणकारी उपाय योजना
- वस्तुओं व सेवाओं का निर्यात
स एवं द
अ एवं ब
केवल ब
अ, स एवं द
Chapter:
विदेशी व्यापार के प्रकार निम्नलिखित हैं:
- आयात व्यापार
- निर्यात व्यापार
- पुनर्निययात व्यापार
- आंतरिक व्यापार
अ एवं ब
अ, ब एवं स
अ, ब, स एवं द
इनमें से कोई नहीं
Chapter:
अर्थशास्त्रीय पारिभाषिक शब्द लिखिए:
वह इच्छा जिसके लिए क्रयशक्ति क्षमता और खर्च करने की मानसिक तैयारी होती है।
Chapter:
अर्थशास्त्रीय पारिभाषिक शब्द लिखिए:
उत्पादन की एक अधिक इकाई का उत्पादन करके कुल लागत में होने वाली शुद्ध वृद्धि।
Chapter:
अर्थशास्त्रीय पारिभाषिक शब्द लिखिए:
बाज़ार का एक प्रकार जहाँ कुछ ही विक्रेताओं वाला बाज़ार होता है।
Chapter:
अर्थशास्त्रीय पारिभाषिक शब्द लिखिए:
एक वर्ष की अवधि के दौरान किसी देश के भौगोलिक क्षेत्र के भीतरअंतिम वस्तुओं और सेवाओं का बाज़ार मूल्य।
Chapter:
अर्थशास्त्रीय पारिभाषिक शब्द लिखिए:
किसी राष्ट्र की सीमाओं के भीतर वस्तुओं और सेवाओं का क्रय-विक्रय।
Chapter:
व्यष्टि अर्थशास्त्र को ______ सिद्धांत भी कहा जाता है।
कीमत सिद्धांत
आय सिद्धांत
वृद्धि सिद्धांत
विकास सिद्धांत
Chapter:
जब कुल उपयोगिता महत्तम होती है, तब सीमान्त उपयोगिता ______।
सकारात्मक होती है।
नकारात्मक होती है।
शून्य होती है।
एक होती है।
Chapter:
‘क्ष’ अक्ष के समांतर कीमत लोच का माँग वक्र -
पूर्णतया लोचदार माँग
पूर्णतया बेलोचदार माँग
अधिक लोचदार माँग
अधिक बेलोचदार माँग
Chapter:
भारत में राष्ट्रीय आय का अनुमान केंद्रीय सांख्यिकी संगठन (सी.एस.ओ.) द्वारा इस विधि से लगाया जाता है ______।
उत्पादन विधि
आय विधि
व्यय विधि0
उत्पादन विधि और आय विधि का एकत्रीकरण
Chapter:
अल्पविधि कर्ज देने और कर्ज लेने वाला बाज़ार ______ है।
मुद्रा बाज़ार
पूँजी बाज़ार
श्रम बाज़ार
उत्पादन बाज़ार
Chapter:
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असंगत शब्द पहचानिए:
उपयोगिता के प्रकार:
रूप उपयोगिता, स्थान उपयोगिता, सीमान्त उपयोगिता, सेवा उपयोगिता
Chapter:
असंगत शब्द पहचानिए:
माँग के निर्धारक तत्त्व/कारक:
मूल्य, आय, पर्यायी वस्तुओं की कीमत, गिफिन का विरोधाभास
Chapter:
असंगत शब्द पहचानिए:
माँग की कीमत लोच को मापने की विधियाँ:
आय विधि, प्रतिशत विधि, कुल व्यय विधि, बिन्दु विधि/ज्यामितिक विधि
Chapter:
असंगत शब्द पहचानिए:
पूर्ति के नियम के अपवाद:
श्रम की आपूर्ति, कृषि उपज, प्रतिष्ठा की वस्तुएँ, नाशवान वस्तुएँ
Chapter:
असंगत शब्द पहचानिए:
गैर-कर राजस्व के स्रोत (Non-Tax Revenue Sources):
शुल्क, सीमा शुल्क, विशेष अधिभार, दंड एवं शस्ति (Fines and penalties)
Chapter:
निम्नलिखित उदाहरण की सहायता से अवधारणा पहचानकर उसे स्पष्ट कीजिए:
राजू ने भारतीय अर्थव्यवस्था की कुल उपभोग, कुल बचत और कुलनिवेश के बारे में जानकारी एकत्रित की।
Chapter:
निम्नलिखित उदाहरण की सहायता से अवधारणा पहचानकर उसे स्पष्ट कीजिए:
किसी X वस्तु की कीमत की २०% वृद्धि से उसी X वस्तु की माँग में २०% की कमी हुई है।
Chapter:
निम्नलिखित उदाहरण की सहायता से अवधारणा पहचानकर उसे स्पष्ट कीजिए:
स्वरा को महाराष्ट्र सरकार के द्वारा ₹ ८००० रुपये मासिक पेंशन मिलती है।
Chapter:
निम्नलिखित उदाहरण की सहायता से अवधारणा पहचानकर उसे स्पष्ट कीजिए:
तुषार ने तीन वर्ष के लिए ₹ १,००,००० एकमुश्त बैंक में जमा किए हैं।
Chapter:
निम्नलिखित उदाहरण की सहायता से अवधारणा पहचानकर उसे स्पष्ट कीजिए:
कागज़ की कीमत स्थिर है, लेकिन कागज़ मिलों में तकनीकी समस्याओंके कारण शरद को कम कागज़ की आपूर्ति करनी पड़ी।
Chapter:
अंतर स्पष्ट कीजिए:
विभाजन विधि (पद्धति) एवं राशि विधि (पद्धति)
Chapter:
अंतर स्पष्ट कीजिए:
माँग का विस्तार एवं माँग में वृद्धि
Chapter:
अंतर स्पष्ट कीजिए:
सरल सूचकांक (निर्देशांक) एवं भारित सूचकांक (निर्देशांक)
Chapter:
अंतर स्पष्ट कीजिए:
सार्वजनिक वित्त एवं निजी वित्त
Chapter:
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व्यष्टि अर्थशास्त्र की कोई चार विशेषताएँ स्पष्ट कीजिए।
Chapter:
पूर्ण प्रतियोगिता की कोई चार विशेषताएँ स्पष्ट कीजिए।
Chapter:
भारतीय रिज़र्व बैंक के किन्हीं चार कार्यों को स्पष्ट कीजिए।
Chapter:
राष्ट्रीय आय के चक्रीय प्रवाह का दूवि-क्षेत्र प्रतिमान स्पष्ट कीजिए।
Chapter:
निम्नलिखित विधान से आप सहमत हैं या असहमत हैं, कारण सहित स्पष्ट कीजिए:
सीमान्त उपयोगिता हासमान के सिद्धांत का कोई वास्तविक अपवाद नहीं है।
Chapter:
निम्नलिखित विधान से आप सहमत हैं या असहमत हैं, कारण सहित स्पष्ट कीजिए:
एकाधिकारात्मक प्रतियोगिता की कई विशेषताएँ होती हैं।
Chapter:
निम्नलिखित विधान से आप सहमत हैं या असहमत हैं, कारण सहित स्पष्ट कीजिए:
सूचकांक (निर्देशांक) की कोई भी सीमाएँ नहीं हैं।
Chapter:
निम्नलिखित विधान से आप सहमत हैं या असहमत हैं, कारण सहित स्पष्ट कीजिए:
भारत में मुद्रा बाज़ार महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
Chapter:
निम्नलिखित विधान से आप सहमत हैं या असहमत हैं, कारण सहित स्पष्ट कीजिए:
भुगतान संतुलन और व्यापार संतुलन की अवधारणाओं के बीच कोई अंतर नहीं है।
Chapter:
निम्नलिखित तालिका का अवलोकन करके उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर लिखिए:
| वस्तु की इकाईयाँ |
कुल उपयोगिता (TU) |
सीमान्त उपयोगिता (MU) |
| १ | १० | `square` |
| २ | १८ | ८ |
| ३ | `square` | ६ |
| ४ | २८ | ४ |
| ५ | ३० | `square` |
| ६ | ३० | ० |
| ७ | `square` | −२ |
प्रश्न:
- उपरोक्त तालिका पूर्ण कीजिए। (२)
- जब कुल उपयोगिता घटती दर से बढ़ती है तब सीमान्त उपयोगितागा ........ (१)
- वस्तु की छठवीं इकाई के उपभोग से सीमान्त उपयोगिता ........ उपयोगिता होती है। (१)
Chapter:
निम्नांकित रेखाचित्र का निरीक्षण कीजिए और निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए:


प्रश्न:
- रेखाचित्र ‘अ’ पूर्ति में ______ दर्शाता है। (१)
- रेखाचित्र ‘ब’ पूर्ति में ______ दर्शाता है। (१)
- रेखाचित्र ‘अ’ में पूर्ति वक्र मूल पूर्ति वक्र के ______ ओर खिसकता है। (१)
- रेखाचित्र ‘ब’ में पूर्ति वक्र मूल पूर्ति वक्र के ______ ओर खिसकता है। (१)
Chapter:
निम्न परिच्छेद को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों का उत्तर लिखिए:
|
भारत सरकार और सरकार की विभिन्न संस्थाएँ हमारी राष्ट्रीय आय की निगरानी और गणना (मापन) अलग-अलग तरीकों से करती हैं जैसे कुल उत्पादन विधि, आय और कुल व्यय विधि इत्यादि होता है। इनसे हमें भारत के आर्थिक प्रदर्शन की एक व्यापक तस्वीर मिलती है। सन् २००१ से २०२१ के बीच भारत का सकल घरेलू उत्पाद औसतन ६% से ७% की वार्षिक दर से बढ़ा। भारत ने मुख्य रूप से कृषि प्रधान अर्थव्यवस्था से अधिक विविध अर्थव्यवस्था की ओर बदलाव देखा है। सेवाएँ और औद्योगिक क्षेत्र सकल घरेलू उत्पाद की संरचना में प्रमुख भूमिका निभाते हैं। हालांकि यह ध्यान रखना महत्त्वपूर्ण है कि हमारी अर्थव्यवस्था में कई उतार-चढ़ाव व चुनौतियाँ आई हैं। २००८ में वैश्विक वित्तीय संकट और २०२० में कोविड-१९ महामारी ने अस्थायी रूप से आय में वृद्धि की प्रवृत्तिको बाधित किया है । हाल ही के वर्षों में भारत ने आर्थिक विकास के अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सूचना और प्रौद्योगिकी विकास पर ध्यान केंद्रित किया है। भारत में अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए ‘डिजिटल इंडिया’ और ‘मेक इन इंडिया’ जैसी पहल शुरू की गई है। इसने आर्थिक गतिविधि और रोजगार के अवसर पैदा किए हैं। इसका राष्ट्रीय आय पर सकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। |
प्रश्न:
- २००१ से २०२१ की अवधि में भारत की औसत वार्षिक विकास दर क्या है? (१)
- भारत की राष्ट्रीय आय की वृद्धि प्रवृत्तियों में किन कारकों ने हस्तक्षेप किया? (१)
- दिए गए गद्यांश पर अपने विचार लिखिए। (२)
Chapter:
माँग की लोच निर्धारित करने वाले कारक स्पष्ट कीजिए।
Chapter:
भारत में सार्वजनिक व्यय में वृद्धि के कारण स्पष्ट कीजिए।
Chapter:
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