Advertisements
Advertisements
Question
ये माने की चोटियाँ बूढ़े लामाओं के जाप से उदास हो गई हैं- इस पंक्ति के माध्यम से लेखक ने युवा वर्ग से क्या आग्रह किया है?
Advertisements
Solution
लेखक की मान्यता है कि माने की चोटियों पर बूढ़े लामाओं ने इतने जाप किए हैं कि उनके बुढ़ापे और जाप से ये पहाड़ियाँ उदास हो गई हैं। अतः कवि युवा वर्ग से आग्रह करता है कि वे यहाँ आकर किलोल करें तो ये पहाड़ियाँ हर्षित हों। अभी तो इन पर स्पीति का आर्तनाद जमा हुआ है, जो युवा अट्टहास की गरमी से कुछ तो पिघलेगा। लेखक की ओर से यह एक युवा निमंत्रण है।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
इतिहास में स्पीति का वर्णन नहीं मिलता। क्यों?
स्पीति के लोग जीवनयापन के लिए किन कठिनाइयों का सामना करते हैं?
लेखक माने श्रेणी का नाम बौद्धों के माने मंत्र के नाम पर करने के पक्ष में क्यों है?
वर्षा यहाँ एक घटना है, एक सुखद संयोग है – लेखक ने ऐसा क्यों कहा है?
स्पीति अन्य पर्वतीय स्थलों से किस प्रकार भिन्न है?
स्पीति में बारिश का वर्णन एक अलग तरीके से किया गया है। आप अपने यहाँ होने वाली बारिश का वर्णन कीजिए।
स्पीति के लोगों और मैदानी भागों में रहने वाले लोगों के जीवन की तुलना कीजिए। किन का जीवन आपको ज्यादा अच्छा लगता है और क्यों?
स्पीति में बारिश एक यात्रा-वृत्तांत है। इसमें यात्रा के दौरान किए गए अनुभवों, यात्रा-स्थलों से जुड़ी विभिन्न जानकारियों का बारीकी से वर्णन किया गया है। आप भी अपनी किसी यात्रा का वर्णन लगभग 200 शब्दों में कीजिए।
लेखक ने स्पीति की यात्रा लगभग तीस वर्ष पहले की थी। इन तीस वर्षों में क्या स्पीति में कुछ परिवर्तन आया है? जानें, सोचें और लिखें।
पाठ में से दिए गए अनुच्छेद में क्योंकि, और, बल्कि, जैसे ही, वैसे ही, मानो, ऐसे, शब्दों का प्रसंग करते हुए उसे दोबारा लिखिए –
लैंप की लौ तेज़ की। खिड़की का एक पल्ला खोला तो तेज हवा का झोंका मुँह और हाथ को जैसे छीलने लगा। मैंने पल्ला भिड़ा दिया। उसकी आड़ से देखने लगा। देखा कि बारिश हो रही थी। मैं उसे देख नहीं रहा था। सुन रहा था। अँधेरा, ठंड और हवा का झोंका आ रहा था। जैसे बरफ़ का अंश लिए तुषार जैसी बूंदें पड़ रही थीं।
