Advertisements
Advertisements
Question
निम्नलिखित के कारण बताइए।
यद्यपि ऐमीनों समूह इलेक्ट्रॉनरागी प्रतिस्थापन अभिक्रियाओं में आर्थो एवं पैरा निर्देशक होता है, फिर भी ऐनिलीन नाइट्रीकरण द्वारा यथेष्ट मात्रा में मेटानाइट्रोऐनिलीन देती है।
Advertisements
Solution
नाइट्रीकरण की प्रक्रिया सांद्र HNO3 तथा सांद्र H2SO4 के मिश्रण की उपस्थिति में होती है। इन अम्लों की उपस्थिति में अधिकांश ऐनिलीन प्रोटॉनीकृत होकर ऐनिलीनियम आयन बनाती है। अतः अम्लों की उपस्थिती में अभिक्रिया मिश्रण में ऐनिलीन और ऐनिलीनियम आयन होते हैं −NH2, समूह ऐनिलीन में आर्थो तथा पैरा निर्देशक होता है तथा सक्रियक होता है, जबकि ऐनिलीनियम आयन में +NH3 समूह मेटा निर्देशक तथा निष्क्रियकारक होता है। ऐनिलीन के नाइट्रीकरण से p-नाइट्रोऐनिलीन प्राप्त होती है, जबकि ऐनिलीनियम आयन मेटा नाइट्रोऐनिलीन देता है। अतः ऐनिलीन का नाइट्रीकरण ऐमीनो समूह के प्रोटॉनीकरण द्वारा मेटानाइट्रोऐनिलीन देता है।

APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
निम्नलिखित को उनके बढ़ते हुए क्षारकीय प्रबलता के क्रम में लिखिए-
CH3NH2, (CH3)2NH, (CH3)3N, C6H5NH2, C6H5CH2NH2
निम्नलिखित अम्ल-क्षारक अभिक्रिया को पूर्ण कीजिए तथा उत्पाद का नाम लिखिए-
\[\ce{(C2H5)3N + HCl ->}\]
अणुसूत्र C3H9N से प्राप्त विभिन्न समावयवों की संरचना लिखिए। उन समावयवों के आईयूपीएसी नाम लिखिए जो नाइट्रस अम्ल के साथ नाइट्रोजन गैस मुक्त करते हैं।
निम्नलिखित युगल का यौगिकों में विभेद के लिए एक रासायनिक परीक्षण दीजिए।
मेथिलऐमीन एवं डाइमेथिलऐमीन
निम्नलिखित के कारण बताइए।
ऐथिलऐमीन जल में विलेय है जबकि ऐनिलीन नहीं।
निम्नलिखित को क्रम में लिखिए।
क्षारकीय प्राबल्य के घटते क्रम में –
C6H5NH2, C6H5N(CH3)2, (C2H5)2NH एवं CH3NH2
प्राथमिक, द्वितीयक एवं तृतीयक ऐमीनों की पहचान की विधि का वर्णन कीजिए। इन अभिक्रियाओं के रासायनिक समीकरण भी लिखिए।
निम्न परिवर्तन निष्पादित कीजिए।
क्लोरोबेन्ज़ीन से p-क्लोरोऐनिलीन
निम्न परिवर्तन निष्पादित कीजिए।
ऐनिलीन से p-ब्रोमोऐनिलीन
निम्नलिखित अभिक्रिया को पूर्ण कीजिए।
\[\ce{C6H5NH2 + H2SO4 {(सांद्र)} ->}\]
