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Question
‘यदि आप करामत अली की जगह पर होते तो’ इस संदर्भ में अपने विचार लिखिए।
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Solution
यदि मैं करामत अली की जगह होता, तो मेरी प्रतिक्रिया भी वैसी ही होती जैसी करामत अली की थी। मेरी गाय को पीटने वाले पर मैं भी गुस्सा करता। गाय की पीठ पर लगी चोट पर मैं भी रोगन लगाता ताकि गाय को पीड़ा से आराम मिल सके। गाय के अनुपयोगी होने पर मैं कभी भी उसे बेचने का विचार नहीं करता, क्योंकि मैं जानता हूँ कि आज के इस युग में पशुओंकी क्या स्थिति है। अपनी गरीबी के कारण मजबूर होकर मैं भी करामत अली की तरह गाय को गऊशाला में भरती कराता। गऊशाला ही एक ऐसी जगह है, जहाँ गायों की सेवा की जाती है। उनके खान-पान का पूरा ध्यान रखा जाता है, इसलिए मैं अपनी गाय को किसी कसाई के हाथ न बेचता उसे खुले में न छोड़कर उसे गऊशाला में भरती कराता ताकि उसकी अच्छे से देखभाल हो सके।
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संजाल पूर्ण कीजिए:

उचित घटनाक्रम लगाकर वाक्य फिर से लिखिए:
- उसके गले में रस्सी थी।
- रहमान बड़ा मूर्ख है।
- वह लक्ष्मी को सड़क पर ले आया।
- उसने तुम्हें बड़ी बेदर्दी से पीटा है।
उत्तर लिखिए :

गलत वाक्य, सही करके लिखिए :
करामत अली पिछले चार सालों से गाय की सेवा करता चला आ रहा था।
निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर वर्णन कीजिए :

कारण लिखिए:
करामत अली लक्ष्मी के लिए सानी तैयार करने लगा।
कारण लिखिए:
रमजानी ने करामत अली को रोगन दिया।
कारण लिखिए:
करामत अली ने लक्ष्मी को गऊशाला में भरती किया।
कारण लिखिए:
रहमान ने लक्ष्मी को इलाके से बाहर छाेड़ दिया।
संजाल पूर्ण कीजिए :

उत्तर लिखिए :
______ ज्ञान सिंह की समस्याए ______
उत्तर लिखिए :
______ ज्ञान सिंह के दूध ______
बेचने का उद्देश्
पालतू जानवरों के साथ किए जाने वाले सौहार्दपूर्ण व्यवहार के बारे में अपने विचार लिखिए।
निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
|
दूसरे दिन रहमान सवेरे आठ-नौ बजे के करीब लक्ष्मी को इलाके से बाहर जहाँ नाला बहता हैं, जहाँ झाड़-झंखाड़ और कहीं दूब के कारण जमीन हरी नजर आती है, छोड़ आया ताकि वह घास इत्यादि खाकर अपना कुछ पेट भर ले। लेकिन माँ-बेटे को यह देखकर आश्चर्य हुआ कि लक्ष्मी एक-डेढ़ घंटे बाद ही घर के सामने खड़ी थी। उसके गले में रस्सी थी । एक व्यक्ति उसी रस्सी को हाथ में थामे कह रहा था- “यहगाय क्या आप लोगों की है?” रमजानी ने कहा, “हाँ।” “यह हमारी गाय का सब चारा खा गई है। इसे आप लोग बॉँधकर रखें नहीं तो काँजी हाउस में पहुँचा देंगे।” रमजानी चुप खड़ी आगंतुक की बातें सुनती रही। दोपहर बाद जब करामत अली ड्यूटी से लौटा और नहा-धोकर कुछ नाश्ते के लिए बैठा तो रमजानी उससे बोली- “मेरी मानो तो इसे बेच दो!” “फिर बेचने की बात करती हो...? कौन खरीदेगा इस बुढ़िया को।” |
(1) संजाल पूर्ण कीजिए। (2)

(2) केवल एक/दो शब्दों में उत्तर लिखिए: (2)
- करामत अली इस समय ड्यूटी से लौटा ______
- दूसरों की गाय का चारा खानेवाली ______
- रमजानी इसकी बातें सुनती रही ______
- लक्ष्मी को देखकर आश्चर्यचकित होने वाले ______
(3) (i) वचन परिवर्तन कीजिए: (1)
- इलाके -
- रस्सी -
(ii) लिंग परिवर्तन कीजिए: (1)
- बेटा -
- गाय -
(4) ‘जानवरों के प्रति हमदर्दी’ विषय पर अपने विचार लिखिए। (2)
निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
|
करामत अली को लक्ष्मी की पीठ पर रोगन लगाने के बाद भी इत्मीनान नहीं हुआ। वह उसके सिर पर हाथ फेरता रहा। लक्ष्मी स्थिर खड़ी उसकी ओर जिज्ञासापूर्ण दृष्टि से देखती रही। करामत अली को लगा जैसे लक्ष्मी कहना चाहती हो- ‘‘यदि मैं तुम्हारे काम की नहीं हूँ तो मुझे आजाद कर दो। मैं यह घर छोड़कर कहीं चली जाऊँगी।’’ करामत अली ड्यूटी पर जाने की तैयारी में था। तभी रमजानी बोली- ‘‘रहमान के अब्बा, अगर लक्ष्मी दूध नहीं देगी तो हम इसका क्या करेंगे? क्या खूँटे से बाँधकर हम इसे खिलाते-पिलाते रहेंगे ...?’’ |
(1) नाम लिखिए- (2)
(i)

(ii)

(2) लिखिए- (2)
- परिच्छेद के पात्र का नाम - ______
- परिच्छेद में गाय का नाम - ______
(3) गद्यांश में ढूँढ़कर लिखिए- (2)
(i) उई के शब्द -
- ______
- ______
(ii) ऐसे दो शब्द जिनका वचन परिवर्तन नहीं होता -
- ______
- ______
(4) करामत अली के चरित्र पर अपने विचार 25 से 30 शब्दों में लिखिए। (2)
