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Question
‘यांत्रिक’ और ‘सावयवी’ एकता में क्या अंतर है?
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Solution
दुर्खाइम का मत है कि प्रत्येक समाज में कुछ मूल्य, विचार, विश्वास, व्यवहार के ढंग, संस्था और कानून विद्यमान होते हैं, जो समाज को संबंधों के बंधन से बाँध कर रखते हैं। इन तत्वों की उपस्थिति के कारण समाज में संबंधों और एकता का अस्तित्व कायम रहता है। उन्होंने सामाजिक एकता की प्रकृति के आधार पर समाज को वर्गीकृत किया जिसका समाज में अस्तित्व कायम है और जो निम्नलिखित हैं -
| यांत्रिक एकता | सावयवी एकता | |
| (i) | कम विकसित समाज में यह प्रभुत्व संपन्न होता है। | अत्यधिक विकसित समाजों में यह प्रभुत्व संपन्न होता है। |
| (ii) | इसकी प्रकृति खंडीय होती है। | इसकी प्रकृति संगठित होती है। |
| (iii) | इसके अंतर्गत सामाजिक संबंधों का बंधन कमजोर होता है। | इसके अंतर्गत सामाजिक संबंधों का बंधन मजबूत होता है। |
| (iv) | कम जनसंख्या वाले क्षेत्रों में इसका प्रभाव अधिक होता है। | अत्यधिक जनसंख्या वाले क्षेत्रों में इसका प्रभाव महसूस किया जाता है। |
| (v) | इसका स्वरुप कठोर और विशिष्ट होता है। | यह अमूर्त और सामान्य होता है। |
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