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व्यास, वाल्मीकि, ऋषि गौतम, कपिलमुनि सूतल अमर के जगावे है बटोहिया रामानुज-रामानंद न्यारी-प्यारी रूपकला ब्रह्म सुख बन के भँवर रे बटोहिया। नानक, कबीर, गौर-संकर, श्रीराम-कृष्ण - Hindi [हिंदी]

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Question

निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

व्यास, वाल्मीकि, ऋषि गौतम, कपिलमुनि

सूतल अमर के जगावे है बटोहिया

रामानुज-रामानंद न्यारी-प्यारी रूपकला

ब्रह्म सुख बन के भँवर रे बटोहिया।

नानक, कबीर, गौर-संकर, श्रीराम-कृष्ण

अखल के बतिया बतावे रे बटोहिया

विद्यापति, कालीदास, सूर, जयदेव कवि

तुलसी के सरल कहानी रे बटोहिया।

(1) उपयुक्त पद्यांश से उत्तर दूँढ़कर लिखिए:

  1. दो ऋषियों के नाम -
    1. .........................
    2. .........................
  2. दो हिंदी कवियों के नाम -
    1. .........................
    2. .........................

(2) ‘समाज सुधार में संतों की भूमिका’ विषय पर अपने विचार 25 से 30 शब्दों में लिखिए।

Comprehension
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Solution

(1)

    1. वाल्मीकि
    2. ऋषि गौतम
    1. कबीर
    2. तुलसी

(2) संत समाज में व्याप्त बुराइयों के खिलाफ आवाज उठाते हैं। लोगों को सत्य और न्याय पर चलने के लिए प्रेरित करते हैं। संत कबीर ने जातिवाद, धार्मिक कट्टरता और आडंबरों के खिलाफ आवाज उठाई तथा प्रेम, सहिष्णुता एवं समानता का संदेश दिया। संत रैदास ने जातीय भेदभाव समाप्त कर समानता, भाईचारा की प्रेरणा दी। संत गाडगे जी ने अज्ञानता, अंधविश्वास व कुरीतियों को खत्म करके लोगों को नैतिक, सामाजिक मूल्यों के अनुसार जीने के लिए प्रेरित किया। संत तुलसीदास जी ने सामाजिक, धार्मिक समन्वय की शिक्षा दी। इस तरह समाज सुधार में संतों की भूमिका अत्यंत महत्त्वपूर्ण है।

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