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वसंत ऋतु के समय प्रकृति में होने वाले परिवर्तनों पर चर्चा कराएँ। - Hindi [हिंदी]

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Question

वसंत ऋतु के समय प्रकृति में होने वाले परिवर्तनों पर चर्चा कराएँ।

Very Long Answer
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Solution

वसंत ऋतु को पुनर्जागरण का काल माना जाता है, क्योंकि इस दौरान वातावरण में कई सकारात्मक परिवर्तन होते हैं। यह ठंड के अंत और गर्मी की शुरुआत के बीच की मध्यम अवधि होती है, जिसमें प्रकृति अपने सबसे खूबसूरत और जीवंत रूप में नजर आती है।

  1. वनस्पतियों में बदलाव:
    • वृक्षों में नई कोपलें और हरी-भरी पत्तियाँ उगने लगती हैं।
    • रंग-बिरंगे फूल खिलकर वातावरण को सुगंधित कर देते हैं।
    • सरसों, गुलाब, कनेर और पलाश के फूलों से प्रकृति रंगीन हो जाती है।
  2. मौसम और वातावरण:
    • सर्दी घटने लगती है, जिससे मौसम अधिक सुहावना हो जाता है।
    • हल्की ठंडी और ताजगी भरी हवा बहती है, जिससे मन प्रसन्न रहता है।
    • दिन धीरे-धीरे बड़े और रातें छोटी होने लगती हैं।
  3. पशु-पक्षियों की सक्रियता:
    • पक्षियों की चहचहाहट बढ़ जाती है, खासकर कोयल की मधुर कूक मन मोह लेती है।

    • तितलियाँ विभिन्न फूलों पर मंडराने लगती हैं, जिससे प्रकृति की सुंदरता बढ़ जाती है।

    • पशु-पक्षी अधिक सक्रिय हो जाते हैं, और यह उनका प्रजनन काल भी होता है।

  4. मानव जीवन पर प्रभाव:
    • वसंत पंचमी का पर्व हर्षोल्लास से मनाया जाता है, जिसमें सरस्वती देवी की पूजा होती है।
    • खेतों में फसलें पकने लगती हैं, जिससे किसानों में खुशी की लहर दौड़ जाती है।
    • स्वास्थ्य की दृष्टि से यह मौसम अनुकूल होता है, क्योंकि इस समय बीमारियों की संभावना कम रहती है।

वसंत ऋतु को ऋतुओं का राजा कहा जाता है, क्योंकि यह प्रकृति में नया जीवन और ऊर्जा भर देती है। इस मौसम का सौंदर्य और मधुर वातावरण लोगों को आनंद और उत्साह से भर देता है।

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Chapter 15: मधुॠतु - पाठ्य प्रश्न [Page 3]

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Balbharati Hindi Ekatmik [Hindi] Standard 7 Maharashtra State Board
Chapter 15 मधुॠतु
पाठ्य प्रश्न | Q ७. | Page 3
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