विटामिन A की कमी से ज़िॲरॉफ्थैल्मिया (आँख के कॉर्निया का कठोरीकरण) और रात में दिखाई न देना (रात्रि अंधता) जैसी बीमारियाँ हो जाती हैं। अतः इसका सेवन हमारे लिए आवश्यक है। यह मछली के यकृत का तेल, गाजर, मक्खन तथा दूध में पाया जाता है। यह शरीर की वृद्धि को प्रोत्साहित करता है और रोगों से लड़ने की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है।
विटामिन C हमारे लिए अत्यंत आवश्यक है क्योंकि इसकी कमी से स्कर्वी (मसूड़ों से रक्त बहना) और पायोरिया (दाँतों का ढीला होना व उनसे खून आना) हो सकता है। विटामिन C शरीर की रोगों से लड़ने की शक्ति को बढ़ाता है। यह स्वस्थ त्वचा को बनाए रखता है और घावों तथा खरोंचों को प्रभावी रूप से ठीक करता है। यह जल में विलेय होता है। सिट्रस फल जैसे संतरा, नींबू, आँवला, टमाटर, हरी सब्जियाँ (जैसे पत्तागोभी), मिर्च, अंकुरित दालें और अनाज इसके अच्छे स्रोत हैं।
