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Maharashtra State BoardSSC (English Medium) 7th Standard

विद्यार्थियों को सुनी -पढ़ी साहस कथा को सुनाने के लिए प्रेरित करें। - Hindi (Second/Third Language) [हिंदी (दूसरी/तीसरी भाषा)]

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Question

विद्यार्थियों को सुनी -पढ़ी साहस कथा को सुनाने के लिए प्रेरित करें।

Long Answer
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Solution

साहसिक कहानियाँ आत्मविश्वास और प्रेरणा देती हैं। विद्यार्थियों को अपनी सुनी या पढ़ी हुई कहानियाँ साझा करने के लिए प्रेरित करने के कुछ तरीके हैं।

  • झाँसी की रानी, भगत सिंह, अरुणिमा सिन्हा जैसी साहसिक व्यक्तित्वों की कहानियाँ सुनाएँ।
  • "साहसिक कथा प्रतियोगिता" रखें, जहाँ विद्यार्थी अपनी कहानियाँ सुना सकें।
  • विद्यार्थियों की सराहना करें और उनकी कहानियों को प्रेरणादायक बताएं।
  • "तुमने कौन-सी सबसे साहसिक कहानी पढ़ी?" जैसे प्रश्नों से रुचि बढ़ाएँ।
  • आवाज़ और हावभाव के साथ कहानी प्रस्तुत करने के लिए प्रेरित करें।
  • विद्यार्थियों को समूह में कहानियाँ साझा करने दें।

उदाहरण कथा: साहस की प्रेरणा

अंकित एक दस वर्षीय बालक था, जो अपने गाँव में रहता था। एक दिन तेज बारिश के कारण गाँव में बाढ़ आ गई। गाँव के कई लोग पानी में फँस गए थे। अंकित ने डरने के बजाय हिम्मत दिखाई और अपने दोस्तों के साथ मिलकर रस्सियों और लकड़ी की सहायता से लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुँचाने में मदद की।जब बचाव दल पहुँचा, तब तक अंकित ने कई बुजुर्गों और बच्चों को सुरक्षित कर दिया था। उसकी बहादुरी देखकर गाँव के सभी लोग उसकी प्रशंसा करने लगे। उसे गाँव के प्रधान द्वारा सम्मानित किया गया।

यह कहानी हमें सिखाती है कि उम्र से नहीं, बल्कि साहस और आत्मविश्वास से कोई भी बड़ा कार्य किया जा सकता है। कठिन परिस्थितियों में घबराने के बजाय हमें समाधान ढूँढ़ना चाहिए और जरूरतमंदों की मदद करनी चाहिए।

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Chapter 7: जहाँ चाह, वहाँ राह - अंतःपाठ प्रश्न [Page 54]

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Balbharati Hindi Sulabhbharati Ekatmik [Marathi] Standard 7 Maharashtra State Board
Chapter 7 जहाँ चाह, वहाँ राह
अंतःपाठ प्रश्न | Q ५. | Page 54
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