English

वैज्ञानिक पद्धति का प्रश्न विशेषतः समाजशास्त्र में क्यों महत्त्वपूर्ण है? - Sociology (समाजशास्त्र)

Advertisements
Advertisements

Question

वैज्ञानिक पद्धति का प्रश्न विशेषतः समाजशास्त्र में क्यों महत्त्वपूर्ण है?

Answer in Brief
Advertisements

Solution

विज्ञान से वस्तुनिष्ठ, तथ्यपरक और प्रमाणिक होने की उम्मीद की जाती है यह भौतिक विज्ञान की तुलना में अपेक्षाकृत कठिन है। समाजशास्त्री सामाजिक तथ्यों की खोज के लिए वैज्ञानिक पद्धतियों का प्रयोग करते हैं। भौतिक और प्राकृतिक विज्ञानों की तरह समाजशास्त्र भी अपनी विषय-वस्तु के प्रसंग में विभिन्न वैज्ञानिक पद्धतियों का विकसित किया है।

समाजशास्त्र सामाजिक विधा होने के कारण प्रमुख तत्व पद्धति है, जिसका प्रयोग कर तथ्य प्राप्त किए। जाते हैं। समाजशास्त्री को सामाजिक वैज्ञानिक होने के कारण वे कितना जानते हैं या क्या जानते हैं, को कोई महत्त्व नहीं है। इसके बदले वे कैसे जानते हैं और तथ्यों को प्राप्त करते हैं। यह अधिक महत्त्वपूर्ण है। समाजशास्त्री विभिन्न तकनीकों और उपकरणों का प्रयोग करते हुए अनुसंधान पद्धतियों के माध्यम से तथ्यों को प्राप्त करते हैं। अनुसंधान ‘लक्ष्य’ है और पद्धति समाजशास्त्री के लक्ष्य की प्राप्ति हेतू के लिए साधन है।

सामाजिक अनुसंधान समाजशास्त्रियों द्वारा किया गया प्रयास है जिसका उद्देश्य सामाजिक तथ्यों की खोज करना, संबंधों के कारण कारकों (Cause Effect) का अध्ययन करना और जहाँ संभव हो निश्चित सीमाओं के साथ भविष्यवाणी करना। अतः वैज्ञानिक विद्या होने के कारण समाजशास्त्र में वैज्ञानिक पद्धतियों का प्रयोग अत्यधिक महत्त्वपूर्ण है।

shaalaa.com
परिचय: समाजशास्त्र-अनुसंधान पद्धतियाँ
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 5: समाजशास्त्र-अनुसंधान पद्धतियाँ - अभ्यास [Page 115]

APPEARS IN

NCERT Sociology [Hindi] Class 11
Chapter 5 समाजशास्त्र-अनुसंधान पद्धतियाँ
अभ्यास | Q 1. | Page 115
Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×