Advertisements
Advertisements
Question
वैज्ञानिक कारण लिखिए।
सरीसृप प्राणियों के शरीर का तापमान अस्थिर होता हैं।
Advertisements
Solution 1
सरीसृप वर्ग के प्राणी शीतरक्तवाले प्राणी होते हैं। उनके शरीर में तापमान नियंत्रण करने की क्षमता नहीं होती है। उनके शरीर का तापमान आसपास के वातावरण, पर्यावरण के अनुसार बदलता रहता है। इसीलिए सरीसृप वर्ग के प्राणियों के शरीर का तापमान अस्थिर होता है।
Solution 2
- सरीसृप पोइकिलोथर्म्स होते हैं, यानी शीत-रक्त वाले जानवर।
- स्तनधारियों और पक्षियों जैसे होमियोथर्मिक जानवरों के विपरीत, वे अपने शरीर के तापमान को आंतरिक रूप से नियंत्रित करने में असमर्थ होते हैं।
- उनके शरीर का तापमान सीधे बाहरी परिवेश पर निर्भर करता है।
- वे अपने शरीर के तापमान को केवल एक उपयुक्त परिवेश के तापमान वाले वातावरण में जाकर ही नियंत्रित कर सकते हैं।
इस प्रकार, सरीसृपों के शरीर का तापमान स्थिर नहीं रहता है।
Notes
Students should refer to the answer according to their preferred marks.
RELATED QUESTIONS
निचे दिए गए प्राणीकी विशेषताएँ वर्गीकरण के आधार पर लिखिए।
कनखजूरा
तितली तथा चमगादड़ इनके अंतर के चार मुद्दे स्पष्ट कीजिए।
वैज्ञानिक कारण लिखिए।
जेलीफिश इस प्राणी के संपर्क में आने पर हमारे शरीर में दाह (जलन) होती हैं।
तालिका पूर्ण कीजिए।
| प्रकार | विशेषताएँ | उदाहरण |
| चक्रमुखी | ||
| गलफडेद्वारा श्वसन | ||
| उभयचर | ||
| देवमछली | ||
| शीतरक्त वाले |
आकृति निकालकर नामांकित कीजिए तथा वर्गीकरण करिए।
शार्क
आकृति निकालकर नामांकित कीजिए तथा वर्गीकरण करिए।
कबूतर
आकृतीस योग्य नावे द्या.

मनुष्य ______ प्राणी वर्ग का प्राणी है।
सरीसृप प्राणी वर्ग की तीन विशेषताएँ लिखिए।
मेरा शरीर दोनों ओर से नौकाकार होता हैं। मैं गलफड़ों द्वारा श्वसन करता हूँ। मेरा वर्ग पहचानकर एक उदाहरण लिखिए।
