Advertisements
Advertisements
Question
वैज्ञानिक कारण लिखिए।
जल-विद्युत ऊर्जा, सौर ऊर्जा और पवन ऊर्जा इन्हें नूतनीकरणक्षम ऊर्जा कह सकते हैं।
Give Reasons
Advertisements
Solution
- जलविद्युत ऊर्जा, सौर ऊर्जा और पवन ऊर्जा क्रमशः बहते हुए पानी, सूर्यप्रकाश तथा बहते हुए पवन की सहायता से निर्मित की जाती है।
- बहता हुआ पानी या जलसंचय, वेग से बहने वाली पवन, सूर्यप्रकाश इत्यादि ऊर्जास्रोत कभी न समाप्त होने वाले ऊर्जास्रोत हैं। इसके विपरीत प्राकृतिक गैस, कोयला, खनिज तेल (कच्चा तेल) इत्यादि का भंडार सीमित है।
- आने वाले कुछ वर्षों में ये सभी भंडार समाप्त हो सकते हैं। इन ऊर्जास्रोत को पुनः प्राप्त नहीं किया जा सकता है। जलविद्युतऊर्जा, सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा इत्यादि ऊर्जा स्रोत कभी न समाप्त होने वाले ऊर्जा स्रोत हैं। इसलिए इन ऊर्जा स्रोतों को नूतनीकरणक्षम ऊर्जा स्रोत कहते हैं।
shaalaa.com
जलविद्युत ऊर्जा (Hydroelectric Energy)
Is there an error in this question or solution?
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
नीचे दिए गए विद्युत निर्मिती केंन्द्रों में क्रमशः होनेवाले ऊर्जा के रूपांतरण को स्पष्ट कीजिए।
जल विद्युत निर्मिती केन्द्र
जलविद्युत निर्मिती केन्द्र पर्यारण स्नेही हैं या नहींं? इस विषय में आपके विचार स्पष्ट कीजिए।
कोयना जलविद्युत निर्मिती केंद्र की विद्युत निर्माण क्षमता कितनी है?
आकृति का निरीक्षण करके निम्न प्रश्नों के उत्तर लिखिए:

- बिंदु B के संदर्भ में बाँध में कितने पानी की स्थितिज ऊर्जा का रूपांतरण विद्युत ऊर्जा में होगा?
- टर्बाइन तक पानी ले जाने वाला मार्ग बिंदु A स्थान से शुरू हुआ तो विद्युत निर्मिती पर क्या प्रभाव होगा?
- टर्बाइन तक पानी ले जाने वाला मार्ग बिंदु C स्थान से शुरू हुआ तो विद्युत निर्मिती पर क्या प्रभाव होगा?
