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Question
वाचिक अधिगम के अध्ययन में प्रयुक्त विधियों की व्याख्या कीजिए।
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Solution
वाचिक अधिगम के अध्ययन में प्रयुक्त विधियाँ
- युग्मित सहचर अधिगम -
यह विधि उद्दीपक-उद्दीपक अनुबंधन और उद्दीपक-अनुक्रिया अधिगम के समान है। इस विधि का उपयोग मातृभाषा के शब्दों के किसी विदेशी भाषा के पर्याय सीखने में किया जाता है। पहले युग्मित सहचरों की एक सूची तैयार की जाती है। युग्मों के पहले शब्द का उपयोग उद्दीपक के रूप में किया जाता है और दूसरे शब्द का अनुक्रिया के रूप में। प्रत्येक युग्म के शब्द एक ही भाषा से अथवा दो भिन्न भाषाओं से हो सकते हैं। ऐसे शब्दों की एक सूची नीचे तालिका में दी गई हैं।
युग्मों के पहले शब्द (उद्दीपक शब्द) निरर्थक शब्दांश (व्यंजन-स्वर-व्यंजन) हैं और दूसरे शब्द अंग्रेजी संज्ञाएँ (अनुक्रिया शब्द) हैं। अधिगमकर्ता को पहले दोनों उद्दीपक-अनुक्रिया युग्मों को एक साथ दिखाया जाता है और उसे अनुक्रिया शब्द को प्रत्येक उद्दीपक शब्द को प्रस्तुत करने के पश्चात् पुनःस्मरण करने के निर्देश दिए जाते हैं। इसके बाद सीखने का प्रयास प्रारंभ होता है। एक - एक करके उद्दीपक शब्द दिखाए जाते हैं और प्रतिभागी सही अनुक्रिया शब्द देने का प्रयास करता है। असफल होने पर उसे अनुक्रिया शब्द दिखाया जाता है। पहले प्रयास में सारे उद्दीपक शब्द दिखाए जाते हैं। प्रयासों का यह क्रम तब तक जारी रहता है, जब तक कि प्रतिभागी अनुक्रिया शब्दों को बिना किसी ञुटी के बता नहीं देता है। इस मानदंड तक पहुँचने के लिए प्रयासों की कुल संख्या युग्मित सहचर अधिगम की मापक बन जाती है।तालिका युग्मित सहचर अधिगम में प्रयुक्त उद्दीपक-अनुक्रिया युग्म उद्दीपक - अनुक्रिया उद्दीपक - अनुक्रिया कएड - समय मइक - पहाड़ खअग - हिरण डअन - नाम पओच - कोयला गओज्ञ - छत पएल - बकरी छएट - नाव गईत - सोना लऊट - बाघ नउय - निगम सआक - नग -
क्रमिक अधिगम -
वाचिक अधिगम की इस विधि का उपयोग यह जानने के लिए किया जाता है कि प्रतिभागी किसी शाब्दिक एकांशों की सूची को किस प्रकार सीखता है और सीखने में कौन-कौन सी प्रक्रियाएँ सम्मिलित हैं। सबसे पहले शब्दों की एक सूची तैयार कर ली जाती है। सूची में निरर्थक शब्दांश, अधिक परिचित शब्द, कम परिचित शब्द, आपस में संबंधित शब्द आदि हो सकते हैं। प्रतिभागी को सारी सूची प्रस्तुत की जाती है और उनको निर्देश दिया जाता है कि वह एकांशों को उसी क्रम में बताए जिस क्रम में वे सूची में हैं। पहले प्रयास में, सूची का सबसे पहला एकांश दिखाया जाता है और प्रतिभागी को दूसरा एकांश बताना होता है। यदि वह निर्धारित समय में बताने में असफल रहता है, तो प्रयोगकर्ता उसे दूसरा एकांश प्रस्तुत करता है। अब यह एकांश उद्दीपक बन जाता है और प्रतिभागी को तीसरा एकांश अर्थात अनुक्रिया शब्द बताना होता है। अगर वह असफल होता है तो प्रयोगकर्ता उसे सही एकांश बता देता है जो चौथे एकांश के लिए उद्दीपक बन जाता है। इस विधि को क्रमिक पूर्वाभास विधि कहा जाता है। अधिगम के प्रयास तब तक चलते रहते हैं जब तक कि प्रतिभागी सभी एकांशों का सही-सही क्रमिक पूर्वाभास न कर ले। -
मुक्त पुनः स्मरण -
इस विधि में प्रतिभागियों को शब्दों की एक सूची प्रस्तुत की जाती है जिसे वे पढ़ते हैं और बोलते हैं। प्रत्येक शब्द एक निश्चित समय तक ही दिखाया जाता है। इसके बाद प्रतिभागियों को शब्दों को किसी भी क्रम में पुनः स्मरण करने के निर्देश दिए जाते हैं। सूची में शब्द आपस में संबंधित या असंबंधित हो सकते हैं। सूची में दस से ज्यादा शब्द शामिल किए जाते हैं। शब्दों के प्रस्तुतीकरण का क्रम एक प्रयास से दूसरे प्रयास में भिन्न होता है। इस विधि का उपयोग यह जानने के लिए किया जाता है कि प्रतिभागी शब्दों को स्मृति में संचित करने के लिए किस तरह से संगठित करता है। अध्ययनों से पता चलता है कि सूची के आरंभ और अंत में स्थित शब्दों का पुनः स्मरण, सूची के बीच में स्थित शब्दों की तुलना में अधिक सरल होता है।
