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Question
उत्क्रांती का सिद्धांत बताकर इसके लिए कौन - कौन से प्रमाण है।
Answer in Brief
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Solution
- इस सिद्धांतानुसार प्रथम सजीव पदार्थ (जीवद्रव्य) पृथ्वी पर समुद्र में निर्माण हुआ।
- कालांतर में अनेक वर्षों के बाद इस जीवद्रव्य से एक कोशिकीय सजीव का निर्माण हुआ। इस एक कोशिकीय सजीव में क्रमश: परिवर्तन हुआ और उससे अधिक विशाल एवं जटिल सजीव विकसित हुए।
- ये सभी बदलाव धीरे-धीरे और क्रमवार हो रहे थे। इस विकास की समयावधी लगभग 300 करोड़़ वर्ष की है।
- सजीवाें में बदलाव तथा विकास यह सर्वव्यापी, और सभी अंगो में होता गया तथा इसी से अनेक प्रकार के सजीव अस्तित्व में आए।
- इसी कारण इस पूरी प्रक्रिया को क्रमविकास अथवा उत्क्रांती कहते हैं, जो संघटनात्मक उत्क्रांती है।
- भिन्न रचना तथा कार्यवाले पूर्वजों से वनस्पती तथा प्राणियों का प्रगतीशील विकास ही उत्क्रांती है।
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उत्क्रांती का प्रमाण (Evidences of Evolution )
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निम्न वाक्य को पढ़कर उनके समर्थनार्थ उचित उदाहरण के साथ उत्तर अपने शब्दों में लिखिए।
सजीवोंं में भौगोलिक तथा पुनरुत्पादनीय विभाजन होने पर कालांतर में जातिभेद/जातिउद्भव होता हैं।
निम्न वाक्य को पढ़कर उनके समर्थनार्थ उचित उदाहरण के साथ उत्तर अपने शब्दों में लिखिए।
समपृष्ठरज्जु प्राणियों में भ्रूणविज्ञानविषयक प्रमाण दिखाई देते हैं।
मानवीय शरीर में पाए जानेवाले ______ यह अवशेषांग उत्क्रांती का प्रमाण है।
टिप्पणी लिखिए।
भ्रूण विज्ञान
टिप्पणी लिखिए।
संयोजी कड़ी
अवशेषांग क्या है?
उत्क्रांती में शरीर विज्ञान संबंधी प्रमाणों का महत्त्व सोदाहरण स्पष्ट कीजिए।
नीचे दी गई आकृति पूर्ण कीजिए:

असंगत शब्द पहचानो:
मानव शरीर के अवशेषांग अन्य कौन से प्राणियों के लिए उपयुक्त हैं, लिखिए।
