Advertisements
Advertisements
Question
उपसहसंयोजन यौगिकों के लिए संभावित विभिन्न प्रकार की समावयवताओं को सूचीबद्ध कीजिए तथा प्रत्येक का एक उदाहरण दीजिए।
Advertisements
Solution
(i) ज्यामितीय समावयवता: इस प्रकार की समावयवता हेटेरोलेप्टिक संकुलों में पाई जाती है जिनमें लिगन्डों की भिन्न ज्यामितीय व्यवस्थाएं संभव हो सकती हैं। उदाहरण के लिए:
\[\begin{array}{cc}
\phantom{..}\ce{Cl}\phantom{.....}\ce{NH3}\phantom{}\\
\backslash\phantom{...}/\\
\ce{Pt}\\
/\phantom{...}\backslash\\
\ce{\underset{{समपक्ष समावयव}}{\phantom{....}Cl\phantom{.....}NH3}}
\end{array}\]
\[\begin{array}{cc}
\phantom{..}\ce{Cl}\phantom{.....}\ce{NH3}\phantom{}\\
\phantom{}\backslash\phantom{...}/\\
\ce{Pt}\\
/\phantom{...}\backslash\phantom{}\\
\ce{\underset{{विपक्ष समावयव}}{\phantom{..}NH3\phantom{....}Cl}}
\end{array}\]
(ii) ध्रुवण समावयवता: इस प्रकार की समावयवता काइरल अणुओं में उत्पन्न होती है। समावयव एक दूसरे के दर्पण प्रतिबिंब होते हैं तथा एक दूसरे पर अध्यारोपित नहीं किए जा सकते।

(iii) बंधनी समावयवता: इस प्रकार की समावयवता उन संकुलों में पाई जाती है जिनमें उभयदंतीय लिगन्ड होते हैं। उदाहरण के लिए, [Co(NH3)5(NO2)]Cl2, जो लाल रूप में प्राप्त होता है और [Co(NH3)5(ONO)]Cl2 जो पीले रूप में प्राप्त होता है।
(iv) उपसहसंयोजन समावयवता: इस प्रकार की समावयवता तब उत्पन्न होती है जब परिसर में उपस्थित विभिन्न धातु आयनों की धनायनिक और ऋणायन इकाइयों के बीच लिगन्डों का आदान-प्रदान होता है। उदाहरण के लिए, [Co(NH3)6] [Cr(CN)6] और [Cr(NH3)6] [Co(CN)6]।
(v) आयनन समावयवता: इस प्रकार की समावयवता तब उत्पन्न होती है जब समन्वय क्षेत्र के भीतर एक प्रतिआयन एक लिगन्ड की जगह लेता है। इस प्रकार, ऐसे संकुल जिनकी संरचना समान होती है लेकिन पानी में घुलने पर अलग-अलग आयन देते हैं, उन्हें आयनीकरण समावयवी कहा जाता है। उदाहरण के लिए, [Co(NH3)5(SO4)]Br और [Co(NH3)5Br]SO4।
(vi) विलायकयोजन समावयवता: विलायकयोजन समावयवों में इस आधार पर अंतर होता है कि विलायक अणु सीधे धातु आयन से बंधा है या नहीं, या केवल क्रिस्टल जालक में एक मुक्त विलायक अणु के रूप में मौजूद है। उदाहरण के लिए, [Cr(H2O)6]Cl3 (बैंगनी) तथा [Cr(H2O)5Cl]Cl2.H2O (भूरा-हरा)।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
वह संकुल आयन इंगित कीजिए जो ज्यामितीय समावयवता प्रदर्शित करता है।
उभयदंती लिगंड के कारण उपसहसंयोजन यौगिक समावयवता दर्शाते हैं। पैलेडियम के [Pd(C6H5)2(SCN)2] और [Pd(C6H5)2(NCS)2] संकुल हैं ______।
यौगिक [Co(SO4)(NH3)5]Br और [Co(SO4)(NH3)5]Cl ______ प्रदर्शित करते हैं।
[Cr(H2O)6]Cl3 (बैंगनी) और [Cr(H2O)5Cl]Cl2⋅H2O (सलेटी-हरा) के बीच कौन-से प्रकार की समावयवता पाई जाती है?
निम्नलिखित में से ध्रुवण घूर्णक यौगिकों को पहचानिए।
(i) [Co(en)3]3+
(ii) विपक्ष - [Co(en)2Cl2]+
(iii) समपक्ष - [Co(en)2Cl2]+
(iv) [Cr(NH3)5Cl]
जब उभयदंती लिगंड केंद्रीय धातु आयन से जुड़े होते हैं तो कौन-सी समावयवता संभव है? उभयदंती लिगंडों के दो उदाहरण दीजिए।
कॉलम I में दी गई संकुल स्पीशीज़ और कॉलम II में दिए गए समावयवता के प्रकारों को सुमेलित कीजिए और सही कोड प्रदान कीजिए।
| कॉलम I (संकुल स्पीशीज़) | कॉलम II (समावयवता) |
| (A) [Co(NH3)4Cl2]+ | (1) ध्रुवण |
| (B) समपक्ष–[Co(en)2Cl2]+ | (2) आयनन |
| (C) [Co(NH3)5(NO2)]Cl2 | (3) उपसहसंयोजन |
| (D) [Co(NH3)6][Cr(CN)6] | (4) ज्यामितीय |
| (5) बंधनी |
अभिकथन: उभयदंती लिगंडों वाले उपसहसंयोजन यौगिकों में बंधनी समावयवता होती है।
तर्क: उभयदंती लिगंडों में दो भिन्न दाता परमाणु होते हैं।
अभिकथन: MX6 और MX5L प्रकार के संकुल (X और L एकदंती हैं) ज्यामितीय समावयवता प्रदर्शित नहीं करते।
तर्क - उपसहसंयोजन संख्या 6 वाले संकुल ज्यामितीय समावयवता नहीं दशाते।
CoSO4Cl.5NH3 के दो समावयवी (A) और (B) होते हैं। समावयवी (A), AgNO3 से अभिक्रिया कर श्वेत अवक्षेप देता हैं परंतु BaCl2 से अभिक्रिया नहीं करता। समावयवी (B), BaCl2 से अभिक्रिया कर श्वेत अवक्षेप देता है, परंतु AgNO3 से अभिक्रिया नहीं करता। निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
- A और B को पहचानिए और उनके संरचना सूत्र लिखिए।
- सम्मिलित समावयवता का प्रकार लिखिए।
- A और B के IUPAC नाम लिखिए।
