English

उपसहसंयोजन सत्ता में d कक्षकों का वास्तविक विन्यास Δ0 के मान के आधार पर कैसे निर्धारित किया जाता है? - Chemistry (रसायन विज्ञान)

Advertisements
Advertisements

Question

उपसहसंयोजन सत्ता में d कक्षकों का वास्तविक विन्यास Δके मान के आधार पर कैसे निर्धारित किया जाता है?

Short Answer
Advertisements

Solution

  1. यदि Δ0 < P, हो तो चौथा इलेक्ट्रॉन किसी एक eg कक्षक में जायेगा तथा अभिविन्यास \[\ce{t^3_{2g}e^1_g}\] प्राप्त होगा। लिगन्ड जिनके लिए Δ0 < P होता है, दुर्बल क्षेत्र लिगन्ड कहलाते हैं और ये उच्च प्रक्रण (high spin) संकुल बनाते हैं।
  2. यदि Δ0 > P हो तो, यह ऊर्जा की दृष्टि से अधिक अनुकूल होता है, अत: चौथा इलेक्ट्रॉन किसी एक t2g कक्षक में जाएगा जिससे इलेक्ट्रॉनिक विन्यास \[\ce{t^4_{2g}e^0_g}\] प्राप्त होगा। लिगन्ड जो इस प्रकार का प्रभाव उत्पन्न करते हैं प्रबल क्षेत्र लिगन्ड (strong field ligands) कहलाते हैं तथा ये निम्न प्रचक्रण संकुल बनाते हैं।
shaalaa.com
उपसहसंयोजन यौगिकों में आंबधन - क्रिष्टल क्षेत्र सिध्दांत
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 5: उपसहसंयोजन यौगिक - अभ्यास [Page 143]

APPEARS IN

NCERT Rasayan bhag 1 aur 2 [Hindi] Class 12
Chapter 5 उपसहसंयोजन यौगिक
अभ्यास | Q 5.18 (ii) | Page 143
Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×