English

उपभोक्तावादी संस्कृति का अंधानुकरण हमारी संस्कृति के मूल तत्वों के लिए कितना घातक है? ‘उपभोक्तावाद की संस्कृति’ के आलोक में स्पष्ट कीजिए। - Hindi Course - A

Advertisements
Advertisements

Question

उपभोक्तावादी संस्कृति का अंधानुकरण हमारी संस्कृति के मूल तत्वों के लिए कितना घातक है? ‘उपभोक्तावाद की संस्कृति’ के आलोक में स्पष्ट कीजिए।

Short/Brief Note
Advertisements

Solution

उपभोक्तावादी संस्कृति और भारतीय संस्कृति में कोई समानता नहीं है। यह संस्कृति भोग एवं दिखावा को बढ़ावा देती है। जबकि भारतीय संस्कृति त्याग एवं परोपकार को बढ़ावा देती है। इस तरह हमारी संस्कृति के मूल तत्वों पर प्रहार हो रहा है। इसके अलावा-स्वार्थवृत्ति, आत्म केंद्रितता लाभवृत्ति को बढ़ावा उपभोक्तावादी संस्कृति की देन है। अब हम दिखावे के चक्कर में पड़कर त्योहारों और विभिन्न कार्यक्रमों में महँगे उपहार देकर अपनी हैसियत जताने लगे हैं। इसके अलावा इन उपहारों और कार्डों को खुद न देकर कोरियर आदि से भेजने लगे हैं। हमारे ये कार्य-व्यवहार भारतीय संस्कृति के मूल तत्वों को नष्ट करते हैं।

shaalaa.com
गद्य (Prose) (Class 9 A)
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 3: उपभोक्तावाद की संस्कृति - अतिरिक्त प्रश्न

APPEARS IN

NCERT Hindi - Kshitij Part 1 Class 9
Chapter 3 उपभोक्तावाद की संस्कृति
अतिरिक्त प्रश्न | Q 15

RELATED QUESTIONS

उमा की शिक्षा के विषय में प्रेमी और रामस्वरूप के विचार किस तरह अलग थे? इनमें से किसके विचार आप उचित मानते हैं और क्यों?


यदि उमा की स्थिति कम पढ़ी-लिखी लड़कियों जैसी होती तो एकांकी का अंत किस तरह अलग होता?


लड़कियों की शिक्षा और खूबसूरती के बारे में गोपाल प्रसाद के विचार किस तरह अलग थे? ‘रीढ़ की हड्डी’ नामक पाठ के आधार पर लिखिए।


आज माटी वाली बुड्ढे को कोरी रोटियाँ नहीं देगी - इस कथन के आधार पर माटी वाली के हृदय के भावों को अपने शब्दों में लिखिए।


माटी वाली का एक शब्द-चित्र अपने शब्दों में प्रस्तुत कीजिए।


लेखिका की नानी ने स्वतंत्रता सेनानी प्यारे लाल शर्मा से कौन-सी इच्छा प्रकट की? यह इच्छा उन्होंने अपने पति से क्यों नहीं बताई?


लेखक ने अपने किस निर्णय को घोंचूपन और पलायन करना कहा है?


क्या आपको लगता है कि यह कहानी आज़ादी की लड़ाई की ओर भी संकेत करती है?


लेखक जिस रास्ते से यात्रा कर रहा था वहाँ के किलों को परित्यक्त क्यों कहा गया है?


यात्रा करते समय लेखक और उसके साथियों ने डाकुओं से अपनी जान कैसे बचाई?


‘सुख की व्याख्या बदल गई है’ के माध्यम से लेखक क्या कहना चाहता है?
अथवा
‘उपभोक्तावाद की संस्कृति’ पाठ के आधार पर बताइए कि कौन-सी बात सुख बनकर रह गई है?


बालिका मैना के चरित्र की कौन-कौन सी विशेषताएँ आप अपनाना चाहेंगे और क्यों?


आप किसी ऐसे बालक/बालिका के बारे में एक अनुच्छेद लिखिए जिसने कोई बहादुरी का काम किया हो।


मैना कौन थी? उसे देखकर अंग्रेज सेनापति को आश्चर्य क्यों हुआ?


नीचे दी गई पंक्ति में निहित व्यंग्य को स्पष्ट कीजिए -

जिसे तुम घृणित समझते हो, उसकी तरफ़ हाथ की नहीं, पाँव की अँगुली से इशारा करते हो?


लेखक की दृष्टि प्रेमचंद के जूते पर क्यों अटक गई?


लेखक ने सदियों से परत-दर-परत’ कहकर किस ओर इशारा किया है?


महादेवी ने कवि सम्मेलनों में कविता पाठ के लिए अपना नाम बुलाए जाने से पहले होने वाली बेचैनी का ज़िक्र किया है। अपने विद्यालय में होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेते समय आपने जो बेचैनी अनुभव की होगी, उस पर डायरी का एक पृष्ठ लिखिए।


अचानक कुत्ते के आ जाने से गुरुदेव को कैसा लगा और क्यों?


गुरुदेव की मृत्यु पर कुत्ते ने अपनी संवेदना का परिचय कैसे दिया?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×