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Question
उचित आरोह-अवरोह, हाव-भाव के साथ हँसिकाएँ विद्यार्थियों को सुनाएँ । एकल एवं गुट में इन कविताओं को अभिनय के साथ सुनाने के लिए कहें।
Long Answer
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Solution
उचित आरोह-अवरोह, हाव-भाव और हँसिकाएँ छात्रों को कविताएँ समझने और उनका आनंद लेने का सबसे अच्छा माध्यम हैं। आप इस गतिविधि को अधिक रोचक और शिक्षाप्रद बनाने के लिए निम्नलिखित कदम अपना सकते हैं:
- अध्यापक द्वारा उदाहरण प्रस्तुत करना:
- पहले स्वयं किसी कविता को आरोह-अवरोह (स्वर के उतार-चढ़ाव) और हाव-भाव (शारीरिक हाव-भाव) के साथ प्रस्तुत करें।
- उदाहरण के लिए, हास्य कविता सुनाते समय मुस्कुराहट और हल्के स्वरों का प्रयोग करें। वीर रस की कविता के लिए तेज और उत्साही स्वर तथा दृढ़ हाव-भाव का उपयोग करें।
- विद्यार्थियों को हँसिकाएँ सिखाना:
- कविता की पंक्तियों के अर्थ को सरल तरीके से समझाएँ।
- कठिन शब्दों को आसान शब्दों में बताकर उनकी भावनाओं को उभारें।
- कविता के हास्यपूर्ण भागों को स्पष्ट करने के लिए हँसिकाएँ जोड़ें।
- एकल प्रस्तुति:
- छात्रों को अलग-अलग कविताएँ चुनने के लिए कहें।
- उन्हें अपनी पसंद की कविता का अभ्यास करने का समय दें।
- वे मंच पर अकेले कविता को अभिनय और स्वर के आरोह-अवरोह के साथ प्रस्तुत करें।
- गुट प्रस्तुति:
- समूह में छात्रों को एक कविता के अलग-अलग हिस्से बाँट दें।
- प्रत्येक छात्र को अपनी पंक्तियों के लिए विशेष हाव-भाव और स्वर अभ्यास करने के लिए कहें।
- गुट में सामूहिक तालमेल का अभ्यास कराएँ।
- जैसे-जैसे कविता आगे बढ़े, समूह के सदस्य पंक्तियों को एक लय में प्रस्तुत करें।
- प्रस्तुति के बाद चर्चा:
- छात्रों से पूछें कि किसने कविता में कौन-से हाव-भाव और आरोह-अवरोह का उपयोग किया।
- अन्य छात्रों से प्रतिक्रिया लेने के लिए कहें।
- प्रस्तुति के प्रभाव और सुधार के सुझाव दें।
- प्रतिस्पर्धा का आयोजन: एक "कविता अभिनय प्रतियोगिता" रखें। छात्रों को उत्साहित करने के लिए पुरस्कार दें, जैसे "सर्वश्रेष्ठ अभिनय," "सर्वश्रेष्ठ हास्य," या "सर्वश्रेष्ठ टीम तालमेल।"
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