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तयोः नित्यं प्रियं कुर्यात्। - Sanskrit (संस्कृत)

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Question

तयोः नित्यं प्रियं कुर्यात्।

One Line Answer
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Solution

कयोः नित्यं किं कुर्यात्?

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नीतिनवनीतम्
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Chapter 10: नीतिनवीनतम् - अभ्यासः [Page 72]

APPEARS IN

NCERT Sanskrit - Ruchira Class 8
Chapter 10 नीतिनवीनतम्
अभ्यासः | Q 3. (ङ) | Page 72

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पाठेऽस्मिन् सुखदुःखयों किं लक्षणम् उक्तम्?


अस्माभिः कीदृशं कर्म कर्तव्यम्?


स्थूलपदान्यवलम्बय प्रश्ननिर्माणं कुरुत–

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स्थूलपदान्यवलम्बय प्रश्ननिर्माणं कुरुत–

त्रिषु तुष्टेषु सर्वं तपः समाप्यते।


संस्कृतभाषयां वाक्यप्रयोगं कुरुत–

विद्या।


संस्कृतभाषयां वाक्यप्रयोगं कुरुत–

परितोष:।


अभिवादनशीलस्य किमपि न वर्धते।


मातापितरौ नृणां सम्भवे कष्टं सहेते।


येन पितरौ आचार्यः च सन्तुष्टाः तस्य सर्वं तपः समाप्यते।


मनुष्यः सदैव तदेव कर्म कुर्यात् येनान्तरात्मा तुष्यते।


नित्यं वृद्धोपसेविनः ______ वर्धन्ते


एतत् विद्यात् ______ लक्षणं सुखदुःपयोः। 


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मनुष्यः मातापित्रो: आचार्यस्यय च सर्वदा ______ कुर्यात्।


तयोः______ प्रियं कुर्यात्।


______ कर्म करिष्यसि। तादृशं फलं प्राप्स्यसि।


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