Advertisements
Advertisements
Question
त्रिपुरा में उनाकोटी की प्रसिद्धि का कारण क्या है?
Advertisements
Solution
त्रिपुरा स्थिति उनाकोटी दस हजार वर्ग किलोमीटर से कुछ ज्यादा इलाके में फैला हुआ धार्मिक स्थल है। यह भारत का सबसे बड़ा तो नहीं, पर सबसे बड़े शैव स्थलों में एक है। संसार के इस हिस्से में स्थानीय आदिवासी धर्म फलत-फूलते रहे हैं।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
ध्वनि किस तरह व्यक्ति को किसी दूसरे समय-संदर्भ में पहुँचा देती है? पाठ के आधार पर लिखिए।
लेखक का ऑपरेशन करने से सर्जन क्यों हिचक रहे थे?
लेखक के घर कौन-कौन-सी पत्रिकाएँ आती थीं?
गांधी जी के प्रति ब्रिटिश हुक्मरान किस तरह की राय रखते थे?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए:
पोशाक हमारे लिए कब बंधन और अड़चन बन जाती है?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए:
लेखक ने बुढ़िया के दु:ख का अंदाज़ा कैसे लगाया?
निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए −
एवरेस्ट जैसे महान अभियान में खतरों को और कभी-कभी तो मृत्यु भी आदमी को सहज भाव से स्वीकार करनी चाहिए।
निम्नलिखित शब्दों के पर्याय लिखिए
- वारिस – ____________
- जिगरी – ___________
- कहर – ___________
- मुकाम – ___________
- रूबरू – ___________
- फ़र्क – ___________
- तालीम – ___________
- गिरफ्तार – ___________
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए −
चालाक लोग साधारण आदमी की किस अवस्था का लाभ उठाते हैं?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए −
'बुद्धि पर मार' के संबंध में लेखक के क्या विचार हैं?
बचेंद्रीपाल ने जूस और चाय लेकर नीचे जाने का जोखिम क्यों लिया?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए −
पाठ में आए निम्नलिखित कथनों की व्याख्या कीजिए −
एक देवता और एक मनुष्य अधिक देर साथ नहीं रहते।
निम्नलिखित शब्दों के दो-दो पर्याय लिखिए −
|
चाँद |
ज़िक्र |
आघात |
ऊष्मा |
अंतरंग |
लेखक ने एस्ट्रोनॉट्स का उल्लेख किस संदर्भ में किया है?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए −
सर चंद्रशेखर वेंकट रामन् के जीवन से प्राप्त होने वाले संदेश को अपने शब्दों में लिखिए।
निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए −
यह अपने आप में एक आधुनिक हठयोग का उदाहरण था।
नौकरी से बचे समय को रामन् कैसे बिताते थे?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए −
धर्म और ईमान के नाम पर किए जाने वाले भीषण व्यापार को कैसे रोका जा सकता है?
गांधी जी के अनुसार धर्म का स्वरूप क्या था?
लेखक किसके द्वारा किए गए शोषण को बुरा मानता है-धनायों द्वारा या अपने देश के स्वार्थी तत्वों द्वारा किए जा रहे शोषण को? पाठ के आलोक में लिखिए।
