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तोतों को उनकी दहकती-भूरी आँखों से भय न लगता था। - Hindi Course - B

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Question

तोतों को उनकी दहकती-भूरी आँखों से भय न लगता था।

Options

  • विशेषण पदबंध

  • क्रिया-विशेषण पदबंध

  • संज्ञा पदबंध

  • सर्वनाम पदबंध

MCQ
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Solution

विशेषण पदबंध

स्पष्टीकरण:

वाक्य में “दहकती-भूरी आँखों” शब्द-समूह “आँखों” संज्ञा का विशेषण है, इसलिए यह विशेषण पदबंध है।

 
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पदबंध
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2022-2023 (March) Outside Delhi Set 1

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नीचे दिए गए वाक्यों को पढ़िए −

(क) श्याम का बड़ा भाई रमेश कल आया था। (संज्ञा पदबंध)

(ख) सुनीता परिश्रमी और होशियार लड़की है। (विशेषण पदबंध)

(ग) अरुणिमा धीरे-धीरे चलते हुए वहाँ जा पहुँची। (क्रिया विशेषण पदबंध)

(घ) आयुष सुरभि का चुटकुला सुनकर हँसता रहा। (क्रिया पदबंध)

ऊपर दिए गए वाक्य (क) में रेखांकित अंश में कई पद हैं जो एक पद संज्ञा का काम कर रहे हैं। वाक्य (ख) में तीन पद मिलकर विशेषण पद का काम कर रहे हैं। वाक्य (ग) और (घ) में कई पद मिलकर क्रमश: क्रिया विशेषण और क्रिया का काम कर रहे हैं।

ध्वनियों के सार्थक समूह को शब्द कहते हैं और वाक्य में प्रयुक्त शब्द 'पद' कहलाता है; जैसे - 'पेड़ों पर पक्षी चहचहा रहे थे।' वाक्य में 'पेड़ों' शब्द पद है क्योंकि इसमें अनेक व्याकरणिक बिंदु जुड़ जाते हैं। कई पदों के योग से बने वाक्यांश को जो एक ही पद का काम करता है, पदबंध कहते हैं। पदबंध वाक्य का एक अंश होता है।

पदबंध मुख्य रुप से चार प्रकार के होते हैं −

• संज्ञा पदबंध

• क्रिया पदबंध

• विशेषण पदबंध

• क्रियाविशेषण पदबंध

वाक्यों के रेखांकित पदबंधों का प्रकार बताइए −

(क) उसकी कल्पना में वह एक अद्भुत साहसी युवक था।

(ख) तताँरा को मानो कुछ होश आया

(ग) वह भागा-भागा वहाँ पहुँच जाता।

(घ) तताँरा की तलवार एक विलक्षण रहस्य थी।

(ङ) उसकी व्याकुल आँखें वामीरों को ढूँढने में व्यस्त थीं।


नीचे दिए गए वाक्यों के रेखांकित पदबंध का प्रकार बताइए-

  1. दुकानों में ऊँधते हुए चेहरे बाहर झाँके।
  2. लाल बालोंवाला एक सिपाही चला आ रहा था।
  3. यह ख्यूक्रिन हमेशा कोई न कोई शरारत करता रहता है।
  4. एक कुत्ता तीन टाँगों के बल रेंगता चला आ रहा है।

'हरिहर काका धीरे-धीरे चलते हुए आँगन तक पहुँचे' रेखांकित पदबंध का भेद है-


‘सुलेमान केवल मानव जाति के ही राजा नहीं थे, सारे छोटे-बड़े पशु-पक्षी के भी हाकिम थे।’ रेखांकित पदबंध का भेद है –


'जीने मरने वाले मनुष्य तो हो सकते हैं पर सही अर्थों में नहीं।' इस वाक्य में विशेषण पदबंध होगा -


'अकसर हम या तो गुज़रे हुए दिनों की खट्टी-मीठी यादों में उलझे रहते हैं या भविष्य के रंगीन सपने देखते रहते हैं।' रेखांकित पदबंध का भेद है -


“मैं तो खेलते-कुदते दरजे में अव्वल आ गया।” - वाक्य में रेखांकित पदबंध है:


“उसमें कबूतर के एक जोड़े ने घोंसला बना लिया था।” - वाक्य में रेखांकित पदबंध का प्रकार है:


“लकड़ी की बड़ी अलमारी से पुस्तक ले आओ।” - इस वाक्य में विशेषण पदबंध कौन-सा है?


'उसकी कल्पना में वह अद्भुत साहसी युवक था।' - इस वाक्य में संज्ञा पदबंध है -


'लोगों के अधिकारों के लिए लड़ने वाले आप आज खामोश क्यों हैं?' - वाक्य में रेखांकित पदबंध है:


“नूह के सामने से एक बार एक घायल, गंदा कुत्ता गुज़रा।" - इस वाक्य में विशेषण पदबंध है।


“तताँरा को देखते ही वह ज़ोर से फूट-फूटकर रोने लगी।" - वाक्य में रेखांकित पदबंध है।


“अनुशासन भंग करने वालों में से कुछ दूसरी कक्षा के छात्र हैं।" - वाक्य में सर्वनाम पदबंध है।


‘मोनुमेंट के नीचे ठीक चार बजकर चौबीस मिनट पर झंडा फहराया जाएगा।’ इस वाक्य में रेखांकित पदबंध का भेद है −


“वे सिनेमा की चकाचौंध के बीच रहते हुए भी यश और धन-लिप्सा से कोसों दूर ही रहे।” इस वाक्य में क्रिया पदबंध है -


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