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Question
TlCl3 की तुलना में BCl3 के उच्च स्थायित्व को आप कैसे समझाएँगे?
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Solution
उत्तेजित अवस्था में बोरॉन की संयोजक कोश (valence shell) में तीन इलेक्ट्रॉन होते हैं जो तीन Cl परमाणु से सहसंयोजक आबंध द्वारा जुड़कर BCl3 अणु का निर्माण करते हैं। BCl3 में बोरोन +3 ऑक्सीकरण अवस्था और sp संकरित अवस्था में पाया जाता है। pπ-pπ back bonding BCl3 अणु को आंशिक रूप से स्थायी बनाती है। दूसरी ओर अक्रिय युग्म प्रभाव के कारण Tl के 6s इलेक्ट्रॉन युग्म बन्ध बनाने में रूचि नहीं रखते। इस कारण Tl की +1 ऑक्सीकरण अवस्था +3 ऑक्सीकरण अवस्था से अधिक स्थाई है। इसलिए +3 ऑक्सीकरण अवस्था में निर्मित TlCl3, अधिक स्थाई नहीं होता। इस कारण BCl3 TlCl3 से अधिक स्थाई होता है।
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\[\ce{B2H6 + H2O -> }\]
संतुलित समीकरण दीजिए-
\[\ce{NaH + B2H6 ->}\]
संतुलित समीकरण दीजिए-
\[\ce{H3BO3 ->[\triangle]}\]
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\[\ce{Al + NaOH ->}\]
संतुलित समीकरण दीजिए-
\[\ce{B2H6 + NH3 ->}\]
