Advertisements
Advertisements
Question
तेनालीराम की कहानियाँ पढ़ने के लिए प्रोत्साहित करें।
Advertisements
Solution
उद्देश्य: बच्चों को तेनालीराम की चतुर कहानियाँ पढ़ने के लिए प्रेरित करना।
प्रश्न पूछें – क्या आपने तेनालीराम की कहानियाँ सुनी हैं?
कहानी सुनाएँ – मजेदार कथा सुनाकर सीखने को प्रेरित करें।
मजेदार कथा: "तेनालीराम और कीमती घोड़ा"
स्थान: राजा कृष्णदेवराय का दरबार
एक दिन, एक व्यापारी राजा कृष्णदेवराय के दरबार में आया और बोला,
"महाराज! मेरे पास एक अनमोल घोड़ा है। यदि कोई इसे एक महीने तक अच्छी तरह से पाल सके, तो मैं इसे आपको सस्ते में बेच दूँगा।"
राजा ने चुनौती स्वीकार कर ली और घोड़े की देखभाल के लिए अपने सबसे अच्छे सेवक को सौंप दिया। लेकिन एक महीने बाद, घोड़ा कमजोर और बीमार पड़ गया।
राजा क्रोधित हुए और बोले,
"क्या कोई इसे सही तरीके से पाल सकता है?"
तेनालीराम आगे आया और बोला,
"मुझे मौका दीजिए, महाराज!"
राजा ने सहमति दी। तेनालीराम ने घोड़े को एक छोटे कमरे में बाँध दिया और उसे सिर्फ थोड़ा-थोड़ा चारा देना शुरू किया।
जब एक महीने बाद व्यापारी आया, तो उसने घोड़े को देखा और हैरान रह गया! घोड़ा ठीक था, लेकिन अब वह दरवाजे से बाहर निकलने से डर रहा था।
तेनालीराम हँसकर बोला,
"घोड़ा दरवाजे के बाहर जाने से डरता है, अब इसे बेचने के अलावा कोई उपाय नहीं!"
राजा और दरबारी जोर-जोर से हँस पड़े और व्यापारी को घोड़ा सस्ते में बेचना पड़ा।
सीख: चतुराई से सोचा जाए, तो बड़ी समस्या भी आसानी से हल हो सकती है।
निष्कर्ष: तेनालीराम की कहानियाँ चतुराई और समस्या समाधान सिखाती हैं!
