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स्वांतः सुखाय तुलसी रघुनाथ गाथा। - Hindi [हिंदी]

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Question

स्वांतः सुखाय तुलसी रघुनाथ गाथा।

Short Answer
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Solution

गोस्वामी तुलसीदास जी ने रामचरितमानस की रचना किसी प्रसिद्धि या लाभ के लिए नहीं, बल्कि अपने आत्मिक सुख और भगवान श्रीराम की भक्ति के लिए की थी। यह पंक्ति सिखाती है कि सच्ची रचनात्मकता और कार्य तभी श्रेष्ठ होते हैं जब वे आत्मिक संतोष और निष्ठा से किए जाएँ, न कि बाहरी प्रशंसा के लिए। हमें भी अपने कार्य निष्काम भाव और समर्पण से करने चाहिए, क्योंकि सच्चा सुख आंतरिक संतोष में ही निहित होता है।

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Chapter 9: एक सैर ऐसी भी - अंतःपाठ प्रश्न [Page 7]

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Balbharati Hindi Ekatmik [Hindi] Standard 7 Maharashtra State Board
Chapter 9 एक सैर ऐसी भी
अंतःपाठ प्रश्न | Q ६. | Page 7
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