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सुनो तो जरा: अपनी बोली भाषा का कोई त्योहार गीत सुनो, सुनाओ। - Hindi [हिंदी]

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Question

सुनो तो जरा:

अपनी बोली भाषा का कोई त्योहार गीत सुनो, सुनाओ।

Short Answer
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Solution

आप किसी भी त्योहार पर आधारित गीत का उल्लेख कर सकते हैं जो आपकी बोली-भाषा से संबंधित हो। उदाहरण के लिए:

  1. छठ पर्व का गीत (भोजपुरी): "कांचे ही बाँस के बहंगिया, बहंगी लचकत जाए..." यह गीत छठ पूजा के अवसर पर गाया जाता है और इसमें भक्तों की आस्था और प्रकृति का सम्मान झलकता है।
  2. लोरी गीत (पंजाबी): "लोहड़ी आई लोहड़ी, दीवे बालो लोहड़ी..." यह लोहड़ी पर्व का गीत है, जो पंजाब में बहुत प्रसिद्ध है।
  3. गरबा गीत (गुजराती): "ढोल बाजे, ढोल बाजे, गरबा रास रचाई रे..." यह नवरात्रि के दौरान गाया जाने वाला प्रसिद्ध गीत है।
  4. दुर्गा पूजा का गीत (बंगाली):  "ढाक बाजा कासोर बाजा..."  यह गीत बंगाल की दुर्गा पूजा का एक अत्यंत लोकप्रिय गीत है। यह गीत माँ दुर्गा की पूजा के दौरान उत्सव और आनंद को व्यक्त करता है जो ढाक (पारंपरिक बंगाली ड्रम) और कासोर (धातु की झंकार) की ध्वनि से भर जाता है।
  5. गणेशोत्सव का गीत (मराठी): "गजानना श्री गणराया अद्भुत रूप तुझं..." यह गीत गणेशोत्सव के दौरान गाया जाता है, जिसमें गणपति बप्पा की आरती और उनकी महिमा का वर्णन होता है।

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Chapter 3: मुक्ति का प्रतिदान - अंतःपाठ प्रश्न [Page 10]

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Balbharati Hindi Ekatmik [Hindi] Standard 7 Maharashtra State Board
Chapter 3 मुक्ति का प्रतिदान
अंतःपाठ प्रश्न | Q १४. | Page 10
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