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Question
“सुना नहीं आपने कि जीवन एक युद्ध है और युद्ध में लड़ना ही तो काम नहीं होता।”
(क) उपर्युक्त वाक्य के रेखांकित अंश “युद्ध में लड़ना ही तो काम नहीं होता” के आधार पर लिखिए कि देश की प्रगति, विकास एवं सुरक्षा के प्रति हम सभी के क्या-क्या दायित्व हैं? अपने उत्तर को विस्तार देने के लिए अपने घर या पास-पड़ोस के बड़ों और अध्यापक से चर्चा करके लिखिए।
(ख) अपने पास-पड़ोस में विचरने वाले पशु-पक्षियों की जीवनचर्या का अवलोकन कीजिए और अपने अवलोकन के आधार पर लिखिए कि आप उनके संघर्षों को किस रूप में देखते हैं?
(ग) इस निबंध में जीवन को युद्ध क्यों कहा गया है? आप अपने घर के बड़ों से इस विषय पर चर्चा करके उनके और अपने विचार लिखिए।
(घ) देश की भौगोलिक सीमाओं की रक्षा सैनिक करते हैं। इसी तरह हमारे आस-पास हमारे जीवन को बेहतर बनाने के लिए अनेक लोग कार्यरत हैं। ये कौन-कौन लोग हैं और उनके लिए आप क्या-क्या कर सकते हैं?
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Solution
(क) “युद्ध में लड़ना ही तो काम नहीं होता” का अर्थ है कि किसी भी बड़े उद्देश्य की सफलता में केवल सामने लड़ने वालों का ही नहीं, बल्कि सहयोग करने वाले सभी लोगों का योगदान महत्वपूर्ण होता है। इसी प्रकार देश की प्रगति, विकास और सुरक्षा के लिए प्रत्येक नागरिक का अपना दायित्व है। हमें ईमानदारी से अपना कार्य करना चाहिए, कानूनों का पालन करना चाहिए, सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा करनी चाहिए तथा स्वच्छता बनाए रखनी चाहिए। विद्यार्थियों को मन लगाकर पढ़ाई करनी चाहिए ताकि वे भविष्य में अच्छे नागरिक बन सकें। इस प्रकार हर व्यक्ति अपने स्तर पर देश के विकास में योगदान दे सकता है।
(ख) मेरे आसपास गाय, कुत्ते, बिल्ली, कबूतर और गौरैया जैसे कई पशु-पक्षी दिखाई देते हैं। इनके जीवन का अवलोकन करने पर पता चलता है कि इन्हें भोजन, पानी और सुरक्षित आश्रय के लिए लगातार संघर्ष करना पड़ता है। गर्मी, सर्दी और वर्षा जैसी कठिन परिस्थितियों का भी इन्हें सामना करना पड़ता है। पक्षियों को घोंसले बनाने और अपने बच्चों की रक्षा करने में अनेक कठिनाइयाँ आती हैं। उनका संघर्ष हमें धैर्य, परिश्रम और आत्मनिर्भरता की प्रेरणा देता है।
(ग) इस निबंध में जीवन को युद्ध इसलिए कहा गया है क्योंकि जीवन में निरंतर संघर्ष और चुनौतियाँ आती रहती हैं। जैसे युद्ध में केवल लड़ना ही नहीं, बल्कि धैर्य, योजना और सहयोग भी आवश्यक होता है, वैसे ही जीवन में सफलता पाने के लिए मेहनत, साहस और संयम की आवश्यकता होती है। घर के बड़ों का भी मानना है कि जीवन में आने वाली कठिनाइयों का सामना करके ही व्यक्ति आगे बढ़ता है। मेरे विचार से संघर्ष ही जीवन को सार्थक और सफल बनाता है।
(घ) देश की सीमाओं की रक्षा सैनिक करते हैं, उसी प्रकार हमारे दैनिक जीवन को सुचारु बनाने के लिए अनेक लोग कार्यरत रहते हैं। इनमें सफाईकर्मी, डॉक्टर, नर्स, शिक्षक, पुलिसकर्मी, डाकिया, चालक, दूधवाला और अन्य कर्मचारी शामिल हैं। ये सभी समाज को व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। हमें उनका सम्मान करना चाहिए, उनके कार्य में बाधा नहीं डालनी चाहिए, नियमों का पालन करना चाहिए तथा समय-समय पर उनके प्रति आभार व्यक्त करना चाहिए। इस प्रकार हम उनके कार्यों का सम्मान कर समाज के विकास में अपना योगदान दे सकते हैं।
