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Question
स्पष्ट कीजिए।
हीरा, ग्रेफाइट तथा फुलरिन कार्बन के केलासीय रूप हैं।
Answer in Brief
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Solution
- कार्बन के केलासीय अपरूप में परमाणुओं की संरचना नियमित और निश्चित होती है।
- हीरे के केलास में, हर कार्बन परमाणु चार अन्य कार्बन परमाणुओं से सहसंयोजकीय बंधों से जुड़ा होता है, इसलिए वह कठोर होता है और चतुर्भुजकी त्रिविमीय संरचना को दर्शाता है। ग्रेफाइट में, प्रत्येक कार्बन परमाणु अन्य तीन कार्बन परमाणुओं से इस प्रकार बंधा होता है कि इसकी षट्कोणीय समतल संरचना बनती है। फुलरीन कार्बन-60 परमाणु, पंचभुजी और षट्भुजी के विन्यास में एक-दूसरे से जुड़े होते हैं, इसके कारण फुलरीन के अणु का आकार किसी फुटबॉल जैसा होता है। फुलरीन के अणु बकीबॉल या बकीट्यूब्ज के रूप में पाए जाते हैं।
- इसलिए हीरा, ग्रेफाइट और फुलरीन की निश्चित रूपांतरित गुणधर्म, बंद सीरे और समतल पृष्ठभाग होते हैं। इसके कारण ये केलासीय कार्बन के अपरूप होते हैं।
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अपरूपता तथा कार्बन के अपरूप
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