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Question
पूर्णवाक्येन उत्तरत -
सिन्धुलः किं विचारयामास?
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Solution
सिन्धुलः विचारयामास - यद्यहं राज्यलक्ष्मीभारधारणसमर्थं सहोदरपमहाय राज्यं पुत्राय प्रयच्छामि तदा लोकापवादः।
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वत्सराजः भोजं गृहाभ्यन्तरे ररक्ष।
प्रकृतिप्रत्ययविभागं कुरुत -
| उपसर्गः | धातुः | प्रत्ययः | |
| संवीक्ष्य |
प्रकृतिप्रत्ययविभागं कुरुत -
| उपसर्गः | धातुः | प्रत्ययः | |
| अपहाय |
प्रकृतिप्रत्ययविभागं कुरुत -
| उपसर्गः | धातुः | प्रत्ययः | |
| विचार्य |
प्रकृतिप्रत्ययविभागं कुरुत -
| उपसर्गः | धातुः | प्रत्ययः | |
| समागत्य |
प्रकृतिप्रत्ययविभागं कुरुत -
| उपसर्गः | धातुः | प्रत्ययः | |
| विधाय |
प्रकृतिप्रत्ययविभागं कुरुत -
| उपसर्गः | धातुः | प्रत्ययः | |
| भोक्तव्य |
प्रकृतिप्रत्ययविभागं कुरुत -
| उपसर्गः | धातुः | प्रत्ययः | |
| सम्प्रेष्य |
प्रकृति-प्रत्ययं नियुज्य शब्दं लिखत -
जीव् + शतृ
प्रकृति-प्रत्ययं नियुज्य शब्दं लिखत -
मृ + क्त
प्रकृति-प्रत्ययं नियुज्य शब्दं लिखत -
हन् + तव्यत्
प्रकृति-प्रत्ययं नियुज्य शब्दं लिखत -
आ + नी + तव्यत्
प्रकृति-प्रत्ययं नियुज्य शब्दं लिखत -
नि + शम् + ल्यप्
प्रकृति-प्रत्ययं नियुज्य शब्दं लिखत -
आ + कर्ण + ल्यप्
प्रकृति-प्रत्ययं नियुज्य शब्दं लिखत -
मन् + क्त्वा
प्रकृति-प्रत्ययं नियुज्य शब्दं लिखत -
नी + क्तवतु
प्रकृति-प्रत्ययं नियुज्य शब्दं लिखत -
हन् + क्तवतु
प्रकृति-प्रत्ययं नियुज्य शब्दं लिखत -
आ + दिश् + क्त
मञ्जूषायां प्रदत्तैः अव्ययशब्दैः रिक्तस्थानानि पूरयत -
| तु, एव, तदा, किमर्थम्, पुरा, चिरम् |
______ सिन्धुलः नाम राजा आसीत्। सः ______ प्रजाः पर्यपालयत्। वृद्धावस्थायां तस्य एकः पुत्रः अभवत्। ______ सः अचिन्तयत् ______ न स्वपुत्रं भ्रातुः मुञ्जस्य उत्सङ्गे समर्पयामि। सिन्धुलः पुत्रं मुञ्जस्य उत्सङ्गे समर्प्य ______ परलोकम् अगच्छत्। सिन्धुले दिवङ्गते मुञ्जस्य मनसि लोभः समुत्पनः। लोभाविष्टः सः ______ भोजस्य विनाशार्थम् उपायं चिन्तितवान्।
उयाहरणानुसारं लिखत -
| उपसर्गः | धातुः | लकारः | पुरुषः | वचनम् | |
| यथा- पर्यपालयत् | परि | पाल् | लङ् | प्रथम पुरुष | एकवचन |
| व्यचिन्तयत् |
उदाहरणानुसारं लिखत -
| उपसर्गः | धातुः | लकारः | पुरुषः | वचनम् | |
| यथा- पर्यपालयत् | परि | पाल् | लङ् | प्रथम पुरुष | एकवचन |
| मारयिष्यति |
उदाहरणानुसारं लिखत -
| उपसर्गः | धातुः | लकारः | पुरुषः | वचनम् | |
| यथा- पर्यपालयत् | परि | पाल् | लङ् | प्रथमपुरुष | एकवचन |
| भवति |
उदाहरणानुसारं लिखत -
| उपसर्गः | धातुः | लकारः | पुरुषः | वचनम् | |
| यथा- पर्यपालयत् | परि | पाल् | लङ् | प्रथम पुरुष | एकवचन |
| असि |
उदाहरणानुसारं लिखत -
| शब्दः | लिङ्गः | विभक्तिः | वचनम् | |
| यथा- आत्मनः | आत्मन् | पुल्लिङ्गः | षष्ठी | एकवचनम् |
| पुत्राय |
उदाहरणानुसारं लिखत -
| शब्दः | लिङ्गः | विभक्तिः | वचनम् | |
| यथा- आत्मनः | आत्मन् | पुल्लिङ्गः | षष्ठी | एकवचनम् |
| श्रीमता |
उदाहरणानुसारं लिखत -
| शब्दः | लिङ्गः | विभक्तिः | वचनम् | |
| यथा- आत्मनः | आत्मन् | पुल्लिङ्गः | षष्ठी | एकवचनम् |
| महोदधौ |
उदाहरणानुसारं लिखत-
| शब्दः | लिङ्गः | विभक्तिः | वचनम् | |
| यथा- आत्मनः | आत्मन् | पुल्लिङ्गः | षष्ठी | एकवचनम् |
| वह्नौ |
रेखाङ्कित-पद आधृत्य प्रश्ननिर्माणं कुरुत -
सिन्धुलः राज्यं मुञ्जाय॒ अयच्छत्।
