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Question
सिंधु घाटी सभ्यता के अंत के बारे में अनेक विद्वानों के कई मत हैं। आपके अनुसार इस सभ्यता का अंत कैसे हुआ होगा, तर्क सहित लिखिए।
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Solution
सिंधु घाटी सभ्यता के अंत के विषय में विद्वानों के भिन्न-भिन्न मत रहे हैं-
(1) कुछ विद्वान मानते हैं कि अकस्मात किसी दुर्घटना के कारण इस सभ्यता का अंत हो गया, पर इसका प्रमाण किसी के पास नहीं है।
(2) कुछ मत के अनुसार, सिंधु सभ्यता सिंधु नदी के किनारे बसी थी। यह नदी भंयकर बाढ़ों के लिए प्रसिद्ध है। इन्हीं बाढ़ों के कारण इस घाटी का अंत हो गया होगा।
(3) कुछ मत के अनुसार तो मौसम परिवर्तन से ज़मीन सूख गई हो और उपजाऊ भूमि रेगिस्तान में बदल गई हो। इस मत के तो कुछ सबूत भी मिलते हैं। जैसे- खुदाई के दौरान मोहनजोदड़ो सभ्यता के खंडहर बालू की सतह के नीचे मिले हैं। विद्वानों के अनुसार बालू के कारण ज़मीन की सतह ऊँची उठती गई और नगरवासियों को मजबूर होकर पुरानी नींवों पर ऊँचाई पर मकान बनाने पड़े।
मेरे अनुसार बदलते मौसम के कारण उपजाऊ भूमि का रेगिस्तान में बदल जाना इस सभ्यता के अंत की शुरूआत रहा होगा क्योंकि एक सभ्यता एक ही स्थान पर इतने लंबे समय तक प्रगति की ओर अग्रसर होती रही हो, वो यूंही तो नहीं उजड़ सकती। यदि कोई बड़ी दुर्घटना घटी होती तो प्रमाण हमें अवश्य मिलते। दूसरा नदी में बाढ़ के कारण तो ये भी थोड़ा भ्रम सा उत्पन्न करता है परन्तु यदि यह सत्य है तो इसका कोई कारण नहीं दिखता आज भी भारत के कई हिस्सों में बाढ़ आती है और हर दूसरे वर्ष आती है। इससे बर्बादी अवश्य होती है पर एक सभ्यता का नाश हो जाए इस मत का समर्थन करने का मन नहीं करता। इसलिए विद्वानों द्वारा तीसरे मत से ही सहमति लगती है कि इस सभ्यता का अंत मौसम के परिवर्तन के कारण रहा होगा क्योंकि मौसम ने उनकी कृषि सम्बन्धी व भरण-पोषण सम्बन्धी समस्याओं को उत्पन्न कर वहाँ की भूमि को रेगिस्तान में तबदील कर उस सभ्यता को दम तोड़ने पर मजबूर कर दिया।
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